CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets – DA) के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने विशेष कोर्ट में उनके खिलाफ लगभग 8 हजार पन्नों का विशाल चालान (चार्जशीट) पेश किया है। EOW ने इसे राज्य का अब तक का सबसे बड़ा ‘डिस्प्रोपोर्शिनेट एसेट्स केस’ बताया है।
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CG News : 45 बेनामी संपत्तियों में 50 करोड़ का अवैध निवेश
EOW द्वारा पेश किए गए इस विस्तृत चालान में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं:
- अवैध संपत्ति: सौम्या चौरसिया पर लगभग ₹50 करोड़ की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
- बेनामी निवेश: चालान में 45 बेनामी संपत्तियों में निवेश का खुलासा हुआ है।
- आय का अंतर: उनकी कुल वैध आय सिर्फ ₹2.51 करोड़ बताई गई है, जबकि उनकी अवैध कमाई लगभग ₹50 करोड़ आंकी गई है।
- अवैध कमाई का समय: रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा अवैध निवेश साल 2019 से 2022 के बीच किया गया।
जमानत पर रिहा होने के बाद बढ़ी मुसीबत
गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया पहले ₹450 करोड़ के कोल लेवी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और फिर EOW द्वारा गिरफ्तार की गई थीं। करीब दो साल जेल में रहने के बाद वह तीन माह पहले ही जमानत पर रिहा हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वह वर्तमान में छत्तीसगढ़ से बाहर बेंगलुरु में रह रही हैं और वहीं से पेशी के लिए आती हैं।
EOW द्वारा पेश किया गया यह चालान, भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के कड़े रुख को दर्शाता है और इसे प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।











