केशकाल। पूर्व विधायक संतराम नेताम ने छत्तीसगढ़ में बिजली बिल में हुई भारी बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। नेताम ने आरोप लगाया कि साय सरकार महतारी वंदन की राशि की वसूली बिजली बिल के माध्यम से कर रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अपेक्षा से कहीं अधिक बिजली बिल का झटका लग रहा है।
नेताम ने बताया कि जुलाई तक जिन घरों का बिल 200–250 रुपये आता था, वहां अब 600 रुपये से अधिक का बिल आ रहा है। कई उपभोक्ताओं के बिल तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि रोज 200–300 रुपये कमाने वाले मेहनतकश लोगों की आधी से ज्यादा कमाई अब बिजली बिल में जा रही है, जिससे घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
संतराम नेताम ने कहा कि सत्ता में आने के बाद साय सरकार के मंत्रियों ने दावा किया था कि स्मार्ट मीटर से सटीक बिल मिलेगा और बिजली सस्ती होगी, लेकिन वास्तविकता इससे उलट है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार की मुनाफाखोरी वाली नीति के कारण प्रदेश के लोग महंगी बिजली खरीदने को मजबूर हैं।
पूर्व विधायक ने कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई “बिजली बिल हॉफ” योजना का भी जिक्र किया, जिससे प्रदेश के लगभग 54 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 5 साल में 40–50 हजार रुपये तक की बचत हुई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार में यह योजना बंद कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
नेताम ने बिजली बिल ज्यादा आने के तीन मुख्य कारण बताए – 1. बिजली के दाम बढ़ा दिए गए, 2. बिजली बिल हॉफ योजना बंद की गई, 3. स्मार्ट मीटर अनाप-शनाप रीडिंग दे रहा है। उन्होंने कहा, “कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेची जा रही है।”
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पूर्व विधायक संतराम नेताम ने भाजपा सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि जनता को राहत देने के बजाय इसे भारी बिजली बिल का बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इस अन्यायपूर्ण नीति के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।













