Big Breaking : रायपुर – छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने जांच तेज कर दी है। झारखंड की जेल में बंद अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया।
कोर्ट ने ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को 6 सितंबर तक EOW की रिमांड में भेजा है। यह घोटाला FL-10 A/B लाइसेंस सिस्टम के माध्यम से हुआ और घोटाले की राशि को ठिकाने लगाने के लिए रिश्तेदारों के अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया।
घोटाले के पैसों की पूछताछ
जांच अधिकारी अब आरोपियों से घोटाले के पैसे की निकासी और इसके ठिकाने का पता लगाने के लिए पूछताछ करेंगे। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की संभावना है।
दो महीने पहले हुई गिरफ्तारी
ACB ने लगभग दो महीने पहले ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को पूछताछ के लिए बुलाया था। जब उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, तो दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
छत्तीसगढ़ मॉडल पर झारखंड में घोटाला
जांच में खुलासा हुआ है कि झारखंड में शराब घोटाले का पूरा तंत्र छत्तीसगढ़ मॉडल की तरह तैयार किया गया था। कारोबारी विधु गुप्ता की एजेंसी ने झारखंड स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के टेंडर में फर्जी मैनपावर दिखाया और फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपए की राशि हासिल की।
अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा की अहम भूमिका
ACB के अनुसार, विधु गुप्ता का नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था। इस नेटवर्क के माध्यम से ठेकेदारों, अधिकारियों और सप्लायरों को प्रभावित किया जाता था। छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा इस पूरे नेटवर्क की केंद्रीय कड़ी माने जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों को शक है कि इन कारोबारियों की मदद से छत्तीसगढ़ के घोटाले जैसा पूरा सिस्टम झारखंड में खड़ा किया गया। अब तक की पूछताछ और दस्तावेजी जांच में कई अहम सुराग मिले हैं और इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।













