CG NEWS: युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से दिव्यांग भी नहीं रहे महफूज़, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में शासन के विसंगतिपूर्ण नीतियों का संगठन ने काली पट्टी लगा कर किया विरोध
CG NEWS: फकरे आलम खान/ दंतेवाड़ा – बचेली: शालेय शिक्षक संध के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्र ने यह बताया कि युक्तियुक्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया विसंगतिपूर्ण एवं विरोधाभाषी है। पूर्व की भर्तियों में शासन ने राजपत्र में प्रकाशित कर पूर्व माध्यमिक शालाओं में विषय बंधन की अनिर्वायता को समाप्त कर दिया है किन्तु युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में निर्देश जारी किया है कि पूर्व माध्यमिक शालाओं में भर्ती में विषय का बंधन नहीं है किन्तु अतिशेष की गणना में विषय को आधार बना कर शिक्षकों को अतिशेष किया जायेगा। यह कैसे उपयुक्त होगा कि भर्ती विषय आधारित नहीं किन्तु अतिशेष की गणना विषय आधारित हो। इस निर्देश के दुष्परिणाम यह देखा गया कि अधिकांश वे वरिष्ठ शिक्षक जिन्होंने उस विद्यालय की स्थापना की थी वे अतिशेष की श्रेणी में आ गये।
CG NEWS: राज्य से प्राप्त दिव्यांग के अतिशेष निर्देश भी बेहद असंवेदनशील एवं अमानवीय है । इस निर्देश में यह कहा गया है कि जिस शिक्षक की नियुक्ति दिव्यांग कोटे के तहत की गई है केवल उन्हे ही दिव्यांग मानते हुए अतिशेष शिक्षक की श्रेणी से पृथक रखा गया है। यह बात समझ से परे है कि क्या कोई सेवा के दौरान दिव्यांग होता है । उसका वैध दिव्यांग प्रमाण होने पर भी उसे इसलिए अतिशेष कर दिया जाता कि वह सेवा में दिव्यांग कोटा से नियुक्ति नहंीं हुआ है। शासन द्वारा अतिशेष के लिए दिव्यांगों में विभेद करने वाली नीति कहाॅ तक जायज है । इस गलत नीति का प्रतिफल जिला के दिव्यांग शिक्षक भोग रहे है। श्रीमती गरिमा भोपले जो सेवा के दौरान एक दुर्घटना में 80 प्रतिशत विकलांग हो गई है।
CG NEWS: वह अपने दैनिक क्रिया भी बिना सहयोग के नहीं कर सकती जिसकी पूर्व की पदस्थापना शासकीय प्राथमिक शाला पाड़ापुर विकासखण्ड दंतेवाड़ा में थी जो उनके घर से महज 05 कि.मी की दूरी पर था। अतिशेष किये जाने पर उन्हे वर्तमान में प्राथमिक शाला डोगरी पारा टिकनपाल विकासखण्ड कुआकोण्डा में पदस्थ कर दिया गया है जो उनके घर से 35 कि.मी दूर है। विद्यालय में न तो रेम्प है न ही रेलिंग है। श्री कोयतुराम नाग जन्म से दिव्यांग है किन्तु इनकी नियुक्ति दिव्यांग कोटे से नहीं हुई है केवल नियुक्ति आदेश में दिव्यांग कोटा न दर्शित होने के कारण वह पूर्व के पदस्थ विद्यालय से अतिशेष हो गए ।
CG NEWS: इस नीति का सबसे बड़ा विरोधाभाष परीवीक्षा अवधि के शिक्षक की अतिशेष से पृथक रखना भी है । युक्तियुक्तकरण की यह प्रक्रिया छ.ग शासन स्कूल शिक्षा विभाग के 02 अगस्त 2024 में तय कर ली गई थी। सत्र के मध्य क्रियान्वयन करने से बच्चों के पढाई में व्यवधान के कारण इस प्रक्रिया को लंबित रखा गया था । अगस्त 2024 से ही विभाग ने तय कर लिया था कि प्राथमिक शाला में 60 विद्यार्थियों तक एक प्रधानपाठक एवं एक सहायक शिक्षक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में 105 विद्यार्थियों तक एक प्रधानपाठक एवं 03 शिक्षक के पद की जानकारी विभाग को थी किन्तु यह विडं़बना देखिये इनही विद्यालयों में इस नवीन पद संरचना की जानकारी के बावजूद अगस्त 2024 के बाद नवनियुक्त शिक्षकों को पदस्थ किया गया जिन्हें परीवीक्षा अवधि का कारण बताते हुए उन्हे अतिशेष से मुक्त रखा गया तथा उस शिक्षक को अतिशेष कर दिया गया।
CG NEWS: जिसने विद्यालय की स्थापना की है एक-एक बच्चे को विद्यालय में लाने के लिए अपना पसीना बहाया । इस नीति की एक रोचक बात यह भी है कि इन परीवीक्षा अवधि वाले शिक्षक को परीवीक्षा अवधि में होने के कारण संस्था का परिवर्तन न होने की बात लिखी गई है किन्तु यह भी देखने में आया है कि कुछ परीवीक्षा अवधि वाले शिक्षकों की नियुक्ति के तुरंत बाद विशेष प्रक्ररण मानते हुए राज्य स्तरीय स्थानांतरण कर दिया गया तो क्या समस्त परीवीक्षा अवधि वाले शिक्षकों को विशेष प्रकरण मानते हुए युक्तियुक्त की प्रकिया में शामिल नहीं किया जा सकता था।
CG NEWS: इस विसंगतिपूर्ण नीति में सुधार न होने पर संगठन के पदाधिकारी श्री शैलेश सिंह , श्री कुलदीप सिंह चैहान , श्रीमती दीप माला वेक , श्रीमती नीतू पारधी ,श्री कमल कर्मकार , पुरूषोत्तम लाल साहू , दिनेश गभेल , गजलू पोडियाम ,अंकित गुप्ता , विनय प्रधान , केशव स्वर्ण , आनंद मुडामी , कु मधु उइके , पलकेश सोनी , देवेन्द्र धीवर ,दीपक शास्त्री जितेन्द्र चैहान , हीरालाल ओयामी ,योगेश सोनी , आशुतोष शिवहरे , नवीन मिश्रा , राजीव मिश्रा ,मनोज ठाकुर मूलचन्द्र चंद्राकर ने शासन से सकारात्मक पहल की मांग की मांग की है।













