CG NEWS :रायपुर/खरोरा: रायपुर जिले के खरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिकरीडीह स्थित उमाश्री राइस मिल में संचालित मारुति फेश (मोजो मशरूम) फैक्ट्री में बालश्रम और मजदूरों को बंधक बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मामले में संज्ञान लेते हुए निरीक्षण कराया, जिसमें 22 नाबालिग बालकों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
CG NEWS :बालकों ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश से “भोला” नामक ठेकेदार द्वारा लाया गया और दिन-रात मशरूम यूनिट में काम कराया गया, लेकिन मजदूरी नहीं दी गई। वहीं, फैक्ट्री संचालकों – नितेश, विपिन और विनय तिवारी पर मारपीट और बंधुआ मजदूरी कराने का आरोप है।
CG NEWS :इसी फैक्ट्री में कुल 97 मजदूर – जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं – को बंधक बनाकर भूखा-प्यासा रख मजदूरी कराने की शिकायत राष्ट्रीय बजरंग दल ने खरोरा थाना प्रभारी को पत्र के माध्यम से दी है। संगठन ने चेतावनी दी है कि दोषियों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
CG NEWS :यह मामला कई श्रम और बाल संरक्षण कानूनों का उल्लंघन माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है और पुलिस से FIR दर्ज करने को कहा गया है, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं किया है। रायपुर मशरूम फैक्ट्री बंधक केस में पुलिस ने अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की है। SSP डॉ लाल उमेद सिंह का कहना है कि इस मामले में श्रम विभाग की ओर से रिपोर्ट आने के बाद पुलिस एक्शन लेगी।
CG NEWS :…क्या था पूरा मामला
CG NEWS :10 जुलाई की दोपहर करीब 12:30 बजे रायपुर के खरोरा इलाके में स्थित एक मशरूम फैक्ट्री से महिला एवं बाल विकास विभाग की अगुवाई में 97 मजदूरों को रेस्क्यू किया गया। इनमें पुरुषों के साथ महिलाएं और 10 दिन के नवजात शिशु तक शामिल थे। मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं।
CG NEWS :मजदूरों ने बताया कि भोला नामक ठेकेदार उन्हें जौनपुर (उत्तर प्रदेश) से “बैठे-बैठे पैकिंग काम” के बहाने यहां लाया था और 10,000 रुपए प्रतिमाह वेतन का वादा किया गया था। लेकिन फैक्ट्री पहुंचते ही उन्हें मशरूम काटने और भारी बोझा ढोने जैसे कामों में झोंक दिया गया।
CG NEWS :मजदूरों ने बताया कि उन्हें 16–18 घंटे तक लगातार काम करवाया जाता था। अगर कोई थककर सो जाए, तो उसे पीटकर जगाया जाता था। मजदूरों को एक कमरे में बंद करके रखा जाता था ताकि वे भाग न सकें।
CG NEWS :इतना ही नहीं, फैक्ट्री संचालकों – विकास तिवारी, विपिन तिवारी और नितेश तिवारी – पर मजदूरों से जानवरों जैसा बर्ताव करने का आरोप है। मजदूरों का दावा है कि उन्हें वेतन तक नहीं दिया गया, बल्कि मोबाइल फोन और आधार कार्ड तक छीन लिए गए ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें।
CG NEWS :मामले को लेकर मजदूरों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब प्रशासन से सख्त कदम की अपेक्षा की जा रही है।
















