CG NEWS : गौरी शंकर गुप्ता /रायगढ़ : रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में पेलमा कोयला खदान परियोजना को लेकर माहौल गर्म होता जा रहा है। प्रस्तावित ओपन कास्ट खदान ने एक बार फिर विकास बनाम अस्तित्व की बहस को तेज कर दिया है।
CG NEWS : करीब 2000 हेक्टेयर में फैली इस परियोजना से 14 गांव प्रभावित होने की आशंका है, जबकि 362 हेक्टेयर वन भूमि भी इसकी जद में आएगी। कागजों में इसे अधिग्रहण बताया जा रहा है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह उनकी जमीन, परंपरा और पहचान से जुड़ा मुद्दा बन गया है।
CG NEWS : ग्रामीणों का कहना है कि पहले की औद्योगिक परियोजनाओं में किए गए वादे पूरे नहीं हुए। अधूरा पुनर्वास, प्रदूषण और रोजगार के नाम पर निराशा ने भरोसे को कमजोर कर दिया है। इसी वजह से पेलमा परियोजना को लेकर लोगों में आशंका और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।
CG NEWS : पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि खदान शुरू होने से जल स्रोतों पर असर पड़ सकता है, भूजल स्तर गिर सकता है और वायु प्रदूषण बढ़ सकता है। पहले से औद्योगिक दबाव झेल रहे इलाके में यह एक और चुनौती मानी जा रही है।
CG NEWS : 19 मई को अटल चौक, पेलमा में प्रस्तावित जनसुनवाई अब सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं रह गई है। इसे लेकर गांव-गांव में बैठकों का दौर तेज हो गया है और लोग अपने अधिकारों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। यह मामला अब मुआवजे से आगे बढ़कर अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, जनसुनवाई को लेकर पूरे इलाके में हलचल तेज है। यह देखना अहम होगा कि आगे का रास्ता बातचीत से निकलता है या टकराव की स्थिति बनती है।











