Tata Sierra EV: मुंबई। भारतीय कार बाजार में इस समय इलेक्ट्रिक गाड़ियों का दौर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसी बीच टाटा मोटर्स अपनी बेहद लोकप्रिय रही ‘सिएरा’ को पूरी तरह से नए और मॉडर्न इलेक्ट्रिक अवतार में वापस लाने के लिए तैयार है। कंपनी आगामी 30 जून को इस नई इलेक्ट्रिक SUV से ऑफिशियली पर्दा उठाने वाली है। इसके अतिरिक्त, खास बात यह है कि नई सिएरा सिर्फ पेट्रोल-डीजल मॉडल में ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वर्जन (EV) में भी सड़कों पर दौड़ती नजर आएगी। परिणामस्वरूप, वाहन प्रेमियों में इस गाड़ी को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म और दो बैटरी विकल्प
नई टाटा सिएरा ईवी को कंपनी बेहद आधुनिक तकनीक के साथ तैयार कर रही है। यह SUV टाटा के नए Acti.ev+ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड होगी, जिसे खासतौर पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए ही विकसित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म की मदद से गाड़ी को बेहतर रेंज, ज्यादा सेफ्टी और नए जमाने के फीचर्स मिलेंगे। इसके फलस्वरूप, ग्राहकों को सुरक्षा और आराम का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन मिलेगा। माना जा रहा है कि सिएरा ईवी में ग्राहकों को दो बैटरी ऑप्शन दिए जाएंगे, जिनमें पहला 55kWh का बैटरी पैक होगा, जबकि दूसरा बड़ा 65kWh का बैटरी पैक होगा जो लंबी दूरी के सफर को बेहद आसान बना देगा।
डुअल मोटर सेटअप और आकर्षक लुक
सिएरा ईवी के टॉप वेरिएंट में दो मोटर यानी डुअल मोटर सेटअप मिलने की उम्मीद है, जहाँ एक मोटर आगे और दूसरी पीछे के पहियों को शक्ति देगी। यह ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) सिस्टम खराब सड़कों, पहाड़ी इलाकों और ऑफ-रोड रास्तों पर एसयूवी को शानदार पकड़ और बेहतरीन प्रदर्शन प्रदान करेगा। डिजाइन के मामले में इसका बॉक्सी और मजबूत लुक पुरानी सिएरा की याद दिलाएगा, लेकिन एक इलेक्ट्रिक कार होने के नाते इसके फ्रंट में पारंपरिक ग्रिल नहीं होगी। इसकी जगह बेहद साफ-सुथरा और प्रीमियम क्लोज्ड-फ्रंट डिजाइन, नए LED लाइट्स, नए बंपर और आकर्षक अलॉय व्हील्स देखने को मिलेंगे।
लाजवाब इंटीरियर और वीटूएल तकनीक
कार का केबिन पूरी तरह से लग्जरी और तकनीक से लैस होगा। इसमें एक बड़ी मुख्य टचस्क्रीन, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और फ्रंट पैसेंजर के लिए एक अलग एंटरटेनमेंट स्क्रीन दी जा सकती है। इसके अलावा पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, वेंटिलेटेड सीट्स और कनेक्टेड कार जैसे फीचर्स इसके सफर को आरामदायक बनाएंगे। चूंकि यह एक एडवांस ईवी है, इसलिए इसमें बोनट के नीचे सामान रखने के लिए ‘फ्रंक’ (Frunk) और V2L (Vehicle to Load) तकनीक भी मिलेगी। इस तकनीक की मदद से यूजर कार की बैटरी से लैपटॉप, लाइट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चला सकेंगे, जो कैंपिंग और लंबी यात्राओं के दौरान बेहद उपयोगी साबित होगा।









