CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित घोटाला मामलों में अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पुत्र चैतन्य बघेल सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंच गए हैं। ईडी और सीबीआई की संभावित कार्रवाई के मद्देनजर बघेल पिता-पुत्र ने अग्रिम जमानत और एजेंसियों के अधिकारों के दुरुपयोग पर रोक लगाने हेतु सुप्रीम कोर्ट में तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की हैं। इन याचिकाओं पर सोमवार, 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई होगी।
CG News : शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद मामला और भी गर्मा गया है। ईडी ने मनीलॉन्ड्रिंग और मनीलेयरिंग के आरोपों के तहत चैतन्य को हिरासत में लिया है और फिलहाल वे रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक अभिरक्षा में बंद हैं। चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है और जमानत के लिए याचिका दाखिल की है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी और सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दोनों केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारों के दुरुपयोग की आशंका जताई है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से मांग की है कि इन एजेंसियों को उनके खिलाफ मनमाने ढंग से कार्रवाई करने से रोका जाए।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में कोल, डीएमएफ, दवा, पीएससी और शराब घोटाले में ईडी और सीबीआई की सक्रियता तेज है। भूपेश बघेल के निवास पर पहले ही तीन बार छापेमारी हो चुकी है, जिससे गिरफ्तारी की आशंका गहराई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भूपेश बघेल ने अग्रिम सुरक्षा उपाय के तौर पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
अब 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच में इस पूरे प्रकरण पर सुनवाई होगी, जिसे राजनीतिक और कानूनी दोनों ही दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।











