CG NEWS: बैकुण्ठपुर | राज्य के मुख्यमंत्री की जनसमस्या निवारण योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज एक शिकायत की जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कचहरीपारा, बैकुण्ठपुर स्थित शासकीय भवन एवं भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत में बिना वास्तविक स्थल निरीक्षण किए, गलत वार्ड पार्षद एवं दूसरे जिले में पदस्थ अधिकारी के नाम से जांच दर्शाकर प्रकरण बंद किए जाने का आरोप लगाया गया है।
CG NEWS: शिकायतकर्ता का आरोप है कि जनसमस्या पोर्टल पर शिकायत की जांच न करते हुए, दूसरे वार्ड के पार्षद के लेटरपैड के आधार पर शिकायतकर्ता की ही गलत जांच दिखाई गई। इतना ही नहीं, जांच रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग के अधिकारी ए.आर. मरकाम के नाम से अपलोड कर दी गई, जबकि श्री मरकाम वर्तमान में कोरिया जिले में पदस्थ ही नहीं हैं और वे वर्तमान में कोंडागांव जिले में पदस्थ बताए जा रहे हैं। कोरिया जिले में वर्तमान कार्यपालन यंत्री का पदभार के.पी. लहरे के पास है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि शिकायत की जांच छोड़ प्रशासन शिकायकर्ता की जांच करने में जुट गया, और दूसरे वार्ड का पार्षद शिकायतकर्ता के खिलाफ अपना लेटरपेड का दुरुपयोग कर दुसरे वार्ड के निवासी को गलत बता रहा है।
CG NEWS: इस पूरे मामले से यह आशंका जताई जा रही है कि जानबूझकर स्थानांतरित अधिकारी के नाम का दुरुपयोग कर, वर्षों से शासकीय भवन पर कब्जा जमाए बैठे व्यक्ति को बचाने के उद्देश्य से शिकायत को दबाने का प्रयास किया गया है।
CG NEWS: शिकायतकर्ता ने कलेक्टर को दिए आवेदन में कहा है कि सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर गलत अधिकारी और गलत वार्ड पार्षद के नाम से जांच दिखाना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इससे जनसमस्या निवारण योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
CG NEWS: मामले में मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाए, जनसमस्या पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा शासकीय भवन एवं भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोपों वाले मामले में क्या कदम उठाता है।














