कृष्णा नायक/सुकमा। जिले में बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन सुकमा और महिला बाल विकास विभाग ने एक नई पहल की है। इसके तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए चल रहे प्रारंभिक बाल देखभाल एवं विकास (ECCD) कार्यक्रम को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 150 आंगनबाड़ी केंद्रों में नीड असेसमेंट सर्वेक्षण शुरू किया गया है।
यह सर्वेक्षण मोबाइल क्रेशस, दिल्ली की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और देखभाल से संबंधित व्यवस्थाओं का मूल्यांकन कर कार्यक्रम को और प्रभावी बनाना है।
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विशेषज्ञों ने बताया कि यह पहल नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों में जीवन कौशल विकसित करने और उनके उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत करने में सहायक होगी।
सर्वेक्षण के दौरान न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है, बल्कि अभिभावकों, समुदाय और देखभालकर्ताओं से संवाद स्थापित कर यह समझने का प्रयास भी किया जा रहा है कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कितने सजग हैं तथा इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है।
मोबाइल क्रेशस, दिल्ली से आए विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय, गीतांजलि और रूपेंद्र देवदास ने बताया कि यह सर्वेक्षण ECCD कार्यक्रम को नई दिशा देने वाला कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के शुरुआती वर्षों में समग्र विकास की समझ और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना, भविष्य की मजबूत नींव रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।












