CG News: कोरबा में एक हफ्ते से अंधेरे में 20 गांव! लाइन खराब होने से बिजली ठप, मेंटेनेंस पर प्रश्नचिन्ह

Rahul Goshwami

Korba Power Cut: कोरबा बिजली संकट ने जिले के लेमरू क्षेत्र के करीब 20 गांवों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज आंधी और खराब मौसम के बाद से यहां बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। हालात यह हैं कि पिछले सात दिनों से ग्रामीण बिना बिजली के जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई, घरेलू काम और छोटे व्यवसायों पर गहरा असर पड़ा है।

कोरबा बिजली संकट की मुख्य वजह तेज आंधी के दौरान हुए नुकसान को बताया जा रहा है। खराब मौसम के कारण कई बड़े पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए। इससे 33 केवी लाइन के तार क्षतिग्रस्त हो गए और कोरबा से आने वाली मुख्य बिजली आपूर्ति बंद हो गई।

करीब 20 गांवों का जनजीवन प्रभावित
बिजली बाधित होने से कोरबा बिजली संकट का असर नकिया, डोकरमना, लामपहाड़, चरईझुंझ, कापूडांड, सीलीभूड़ और चिंगरखुदरी समेत आसपास के लगभग 20 गांवों में देखा जा रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित इस क्षेत्र में शाम होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है।
Read more: CG Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में मानसून करीब, अगले 5 दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, जंगली जानवरों का डर
लगातार बिजली नहीं रहने से कोरबा बिजली संकट ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय अंधेरे की वजह से सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। जंगली जानवरों के आने का खतरा भी बना हुआ है। वहीं बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं।

छोटे कारोबारियों को हो रहा आर्थिक नुकसान
कोरबा बिजली संकट का असर स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बिजली नहीं होने के कारण उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जल्द से जल्द सप्लाई बहाल करने की मांग की है।

मरम्मत कार्य जारी, बहाली का इंतजार
बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त खंभों और तारों की मरम्मत में लगी हुई हैं। हालांकि कोरबा बिजली संकट शुरू हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अब तक पूरी तरह बिजली बहाल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल खराब मौसम के दौरान ऐसी स्थिति बन जाती है और स्थायी समाधान की जरूरत है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *