Villagers Join Congress Leaving BJP in Dantewada: दंतेवाड़ा में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल ग्रामीण अब जिले की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गए हैं। दंतेवाड़ा के कुआकोंडा विकासखंड के फूलपाड़ गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस घटनाक्रम को कांग्रेस ने क्षेत्र में अपने बढ़ते जनाधार और संगठन की मजबूती का संकेत बताया है।
दंतेवाड़ा में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल ग्रामीण फूलपाड़ गांव के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे। यहां पीसीसी संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा और अन्य कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में सभी नवप्रवेशियों का स्वागत किया गया।कांग्रेस नेताओं ने नए सदस्यों को पार्टी की विचारधारा और क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह राजनीतिक उत्साह से भरा दिखाई दिया।
ग्रामीणों ने बताई पार्टी बदलने की वजह
दंतेवाड़ा में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल ग्रामीण ने बताया कि क्षेत्र की कई समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा था। उनका कहना है कि सड़क, मूलभूत सुविधाओं और स्थानीय जरूरतों से जुड़े कई मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।इन्हीं कारणों से उन्होंने नई राजनीतिक राह चुनते हुए कांग्रेस के साथ जुड़ने का निर्णय लिया। ग्रामीणों का मानना है कि उनकी समस्याओं को उठाने और समाधान के लिए नई उम्मीद के साथ यह फैसला लिया गया है।
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कांग्रेस ने इसे बताया संगठन की मजबूती
दंतेवाड़ा में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल ग्रामीण की संख्या बढ़ने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत बताया। पार्टी का कहना है कि क्षेत्र के लोगों का भरोसा लगातार कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में संगठन को और मजबूती मिलेगी।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे ग्रामीणों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देंगे।
दंतेवाड़ा की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
दंतेवाड़ा में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल ग्रामीण की इस घटना के बाद जिले के राजनीतिक माहौल में नई चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बड़ी संख्या में लोगों के दल बदलने से आने वाले समय में स्थानीय राजनीति के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।हालांकि इसका वास्तविक असर भविष्य के चुनावों और राजनीतिक गतिविधियों में ही साफ दिखाई देगा। फिलहाल फूलपाड़ गांव का यह घटनाक्रम दंतेवाड़ा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय मुद्दों पर अब बढ़ेंगी उम्मीदें
दंतेवाड़ा में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल ग्रामीण के इस फैसले के बाद क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। ग्रामीण अब चाहते हैं कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाए और विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक बदलाव क्षेत्र के विकास और स्थानीय जनजीवन पर कितना प्रभाव डालता है।









