Balod Adivasi Protest: बालोद आदिवासी प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ का बालोद जिला पूरी तरह सतर्क हो गया है। पाटेश्वर धाम को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर आदिवासी समाज आज बड़ा प्रदर्शन करने जा रहा है। आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
बालोद आदिवासी प्रदर्शन के तहत तुएंगोंदी में आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। आदिवासी संगठनों का आरोप है कि पाटेश्वर धाम क्षेत्र में कथित अतिक्रमण का मामला लंबे समय से लंबित है। संगठनों का कहना है कि प्रशासन ने कार्रवाई के लिए 20 जून तक का समय मांगा था, जिसके बाद इस तारीख को आंदोलन करने की घोषणा की गई।
3000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात
स्थिति को देखते हुए बालोद आदिवासी प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। जिले के संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर जामड़ीपाट और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3000 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।
Read more: CG Rain Alert: छत्तीसगढ़ में 3 दिन बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, इन जिलों में बदलेगा मौसम
सीमाएं सील, 20 गांवों में बढ़ी सतर्कता
बालोद आदिवासी प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन ने जिले की सीमाओं और प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है। आसपास के करीब 20 गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस की टीम लगातार गश्त कर रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की
प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। बालोद आदिवासी प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे। पूरे जिले में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है पाटेश्वर धाम का मामला?
बालोद आदिवासी प्रदर्शन की मुख्य वजह पाटेश्वर धाम से जुड़ा कथित अतिक्रमण विवाद है। आदिवासी समाज इस क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार बैठकें और बातचीत चल रही थीं, लेकिन समाधान नहीं निकलने के बाद आंदोलन का रास्ता अपनाया गया।









