नई दिल्ली, 7 सितंबर। राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने के दावे को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को नोटिस भेजा है। शिशिर को नौ सितंबर को केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। ED सूत्रों के अनुसार, उन्हें फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत मामले से संबंधित सभी साक्ष्य और दस्तावेज के साथ उपस्थित होने को कहा गया है।
बीजेपी कार्यकर्ता शिशिर ने जून 2024 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे दस्तावेज और ईमेल हैं, जो यह साबित करते हैं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ब्रिटेन के नागरिक हैं। उनका यह दावा है कि इस कारण वह भारत में चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं।
इस शिकायत के आधार पर सीबीआई जांच कर रही है। शिशिर ने बताया कि वह कई बार दिल्ली में एजेंसी के सामने पेश हो चुके हैं और उन्होंने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े साक्ष्य भी प्रदान किए हैं।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 30 अगस्त को केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि शिशिर को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान की जाए। न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति बीआर सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश भाजपा कार्यकर्ता द्वारा दायर रिट याचिका पर पारित किया। पीठ ने कहा कि मामला विचार योग्य है क्योंकि याचिकाकर्ता एक प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मामला दायर कर रहा है और लगातार धमकियों का सामना कर रहा है।
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फेमा के तहत, ED विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की जांच करता है। इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने कोई टिप्पणी देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई नौ अक्टूबर के लिए तय की है। केंद्र सरकार ने बताया कि भारत सरकार ने ब्रिटेन सरकार को राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने के लिए पत्र भी लिखा है।













