Putin India Visit: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को तीन दिन के भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके इस दौरे को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और BRICS शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।पुतिन के भारत दौरे पर सिर्फ दोनों देशों की ही नहीं, बल्कि दुनिया की भी नजर है। माना जा रहा है कि बातचीत के दौरान रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीक से जुड़े मुद्दों के साथ रूस-यूक्रेन युद्ध और शांति की कोशिशों पर भी चर्चा हो सकती है।
भारत पहुंचने पर पुतिन का स्वागत विदेश राज्य मंत्री केवी सिंह ने किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंधों का जिक्र किया।दोनों देशों के बीच विशेष और रणनीतिक साझेदारी है। ऐसे में पुतिन की यात्रा के दौरान होने वाली मोदी के साथ बातचीत को कई स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेता रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, दवा उद्योग और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर बात कर सकते हैं।
ब्रह्मोस और S-400 पर हो सकती है अहम चर्चा
पुतिन की यात्रा में रक्षा सहयोग सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल हो सकता है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, भारत और रूस ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को और बेहतर बनाने को लेकर बातचीत कर रहे हैं।इसके अलावा रूस ने भारत को S-400 वायु रक्षा प्रणाली की बाकी आपूर्ति पूरी करने की प्रतिबद्धता जताई है। ऐसे में इस मुद्दे पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत होने की उम्मीद है।रूस के SU-57 लड़ाकू विमान को लेकर संभावित सहयोग पर भी चर्चा चल रही है। यदि इस दिशा में आगे बढ़ता है तो यह भारत-रूस रक्षा संबंधों में एक अहम कदम हो सकता है।
ऊर्जा और परमाणु सहयोग भी एजेंडे में
रक्षा के अलावा ऊर्जा क्षेत्र भी दोनों देशों के संबंधों का बड़ा आधार है। रूस के अनुसार, भारत के साथ ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत बना हुआ है।दोनों देशों के बीच भारत में नए नागरिक परमाणु रिएक्टर लगाने की योजना को लेकर भी बातचीत हो रही है। ऐसे में पुतिन की यात्रा के दौरान ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में आगे की दिशा तय करने पर चर्चा संभव है।
यूक्रेन युद्ध पर भी बन सकती है बात
पुतिन और मोदी की मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। दोनों नेताओं की हाल ही में SCO सम्मेलन के दौरान भी मुलाकात हुई थी।उस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संघर्ष को जल्द खत्म करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत बताई थी। ऐसे में भारत दौरे के दौरान यूक्रेन युद्ध और शांति प्रयासों का मुद्दा भी बातचीत में शामिल हो सकता है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भी युद्ध खत्म कराने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रहा है। इस वजह से पुतिन की भारत यात्रा को लेकर इस पहलू पर भी खास नजर बनी हुई है।
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भारत और रूस के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
भारत के लिए यह यात्रा रूस के साथ रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर है। भारत लंबे समय से रूस का प्रमुख रक्षा साझेदार रहा है और दोनों देश अब पारंपरिक रक्षा सहयोग के साथ दूसरे क्षेत्रों में भी रिश्ते मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।दूसरी ओर, रूस के लिए भारत के साथ मजबूत संबंध ऐसे समय में काफी महत्वपूर्ण हैं, जब यूक्रेन युद्ध के कारण उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।पुतिन के तीन दिवसीय दौरे के दौरान मोदी के साथ बातचीत और BRICS से जुड़े कार्यक्रमों में होने वाली चर्चा से आने वाले समय में भारत-रूस संबंधों की दिशा को लेकर कई अहम संकेत मिल सकते हैं।







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