Bribery allegations in Mauganj : मऊगंज में रिश्वत आरोपों पर तनाव चरम पर: प्रशासन की बलपूर्वक गिरफ्तारी की कोशिश, प्रदर्शनकारी डटे

0
138

मऊगंज। मध्य प्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले में इस वक्त एक बड़ा प्रशासनिक टकराव देखने को मिल रहा है। कलेक्टर के कथित निज सहायक पर लगे ₹1,12,000/- (सवा लाख रुपये)

की रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में चल रहा विरोध प्रदर्शन अब चरम पर पहुँच गया है। सोमवार को प्रशासन ने शांतिपूर्ण धरने को बलपूर्वक समाप्त करने की कोशिश की, जिससे स्थिति और भी भड़क गई।

यह विवाद कलेक्टर संजय जैन के कथित निज सहायक पंकज श्रीवास्तव पर एक महिला वार्डन से रिश्वत मांगने के मामले में उठा है। सामाजिक कार्यकर्ता मुद्रिका प्रसाद विश्वामित्र (जिन्हें ‘मऊगंज के अन्ना हजारे’ भी कहा जाता है) और अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी के नेतृत्व में सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सामने यह आंदोलन शुरू किया गया। हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही एसडीएम राजेश मेहता के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए आंदोलनकारियों के टेंट सामग्री को जब्त कर लिया और कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया।

प्रशासन की इस कार्रवाई से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने खुले आसमान के नीचे ही अपना धरना शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार और भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुँचकर प्रदर्शनकारियों को जबरन हिरासत में लेने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने दृढ़ता दिखाते हुए अपनी गिरफ्तारी का लिखित कारण मांगा।

लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग पर प्रदर्शनकारी अडिग रहे, जिसके आगे मौके पर मौजूद अधिकारीगण बिना लिखित कारण दिए उन्हें गिरफ्तार करने में विफल रहे। आंदोलनकारियों के अडिग रुख के सामने अंततः प्रशासन को खाली हाथ लौटना पड़ा। पूर्व विधानसभा

अध्यक्ष और देवतालब विधायक गिरीश गौतम ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

इस बीच, प्रदर्शनकारी मुद्रिका प्रसाद विश्वामित्र ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक खत्म करने की कोशिश की गई, तो आंदोलन उग्र हो जाएगा, जिसके बाद प्रदर्शनकारी अर्धनग्न आंदोलन और जल-त्याग जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। शाम तक प्रदर्शनकारी कलेक्टर के निज सहायक पर निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग पर डटे हुए हैं, जबकि जिला प्रशासन की ओर से इस संवेदनशील प्रकरण पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here