Cryptocurrency market crash : नई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) मार्केट में सोमवार को अचानक बड़ी गिरावट आने से कोहराम मच गया। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) में ताबड़तोड़ बिकवाली देखी गई, जिसके चलते यह 7% से ज्यादा क्रैश हो गया। महज दो घंटे में ही बिटकॉइन का दाम 5000 डॉलर से ज्यादा टूट गया, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया है।
सिर्फ एक घंटे में 3587 करोड़ रुपये का नुकसान
सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के क्रैश (Bitcoin Crash) पर शुरुआती एशियाई घंटों में अचानक बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। आँकड़ों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के कारण सिर्फ 60 मिनटों में 400 मिलियन डॉलर (करीब 3587 करोड़ रुपये) का बड़ा नुकसान हुआ।
Cryptocurrency market crash : कॉइनमार्केटकैप के डेटा के मुताबिक, सोमवार 1 दिसंबर को सुबह 9.50 बजे बिटकॉइन का इंट्रा-डे लो 85,945 डॉलर दर्ज किया गया, जो बीते 24 घंटों के हाई (91,965.04 डॉलर) से 6.55% की गिरावट दर्शाता है। 7 अक्तूबर को अपने लाइफटाइम हाई लेवल 126,198.07 डॉलर से अब तक यह 32% नीचे आ चुका है।
टॉप-10 क्रिप्टोकरेंसी टोकन भी बिखरे
बिटकॉइन में आई तगड़ी गिरावट का असर दूसरी क्रिप्टोकरेंसियों पर भी व्यापक रूप से देखने को मिला है। दुनिया के टॉप-10 क्रिप्टो टोकन में शामिल एथेरियम (Ethereum), रिपल (Ripple), बीएनबी (BNB), सोलाना (Solana) और डॉगकॉइन (Dogecoin) में भी 5-8 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, Zcash 24 घंटों में 22% तक फिसल गया, जबकि एथाना, डैश, कुकॉइन जैसे अन्य टोकन 12-15 फीसदी तक टूट गए। इस क्रैश के कारण क्रिप्टो बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 फीसदी से ज्यादा गिरकर 2.93 ट्रिलियन डॉलर हो गया।
Cryptocurrency market crash : गिरावट के पीछे के कारण
क्रिप्टो मार्केट में इस अचानक आई भगदड़ के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:
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सप्ताहांत में लीवरेज में गिरावट: गियोटस के सीईओ विक्रम सुब्बुराज ने इस गिरावट का कारण सप्ताहांत में लीवरेज में लगातार गिरावट को माना है।
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नवंबर का खराब प्रदर्शन: Kobeissi Letter ने बताया कि बिटकॉइन के लिए नवंबर का महीना साल 2018 के बाद सबसे खराब नवंबर साबित हुआ, जिसमें 18% की गिरावट दर्ज की गई।
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यूएस फेड चेयरमैन के बयान पर सतर्कता: कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशक यूएस फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के आने वाले बयान को लेकर सतर्क मोड में हैं, जिसके कारण बिकवाली का दबाव बढ़ा।
सुप्रीम कोर्ट के वकील और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ नैना गुप्ता ने भी इस क्रैश को बेहद गंभीर बताया है।











