Bilaspur Car Accident: बिलासपुर कार हादसा ने शहर में सनसनी फैला दी। तारबाहर थाना क्षेत्र के क्रांतिनगर में तेज रफ्तार कार रामा ग्रुप के संचालक संजय अग्रवाल के बंगले में घुस गई। हादसे के समय परिवार के सदस्य कुछ पल पहले ही बरामदे से हटे थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बिलासपुर कार हादसा शुक्रवार रात हुआ, जब तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर बंगले का मुख्य गेट तोड़ते हुए करीब 50 फीट अंदर तक पहुंच गई। कार ने घर की दीवार और टफन ग्लास को जोरदार टक्कर मारी, जिससे दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घर में रखा सामान और कुछ वाहन भी नुकसान की चपेट में आए।
परिवार बाल-बाल बचा
बिलासपुर कार हादसा उस समय और गंभीर हो सकता था, क्योंकि घटना से कुछ सेकंड पहले ही संजय अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्य बरामदे से हटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि भारी लोहे का गेट टूटकर बिखर गया। परिवार ने बताया कि यदि वे वहीं खड़े रहते तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
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बैंक मैनेजर निकला कार चालक
पुलिस जांच में सामने आया कि बिलासपुर कार हादसा करने वाला चालक आशीष तिवारी उत्तराखंड के देहरादून का रहने वाला है। वह इंडसइंड बैंक में क्लस्टर मैनेजर के पद पर कार्यरत है। हादसे में वह भी घायल हुआ, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हत्या के प्रयास का केस दर्ज
बिलासपुर कार हादसा के बाद पुलिस ने घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों की जांच की। शुरुआती जांच में पुलिस ने हादसे और संभावित साजिश, दोनों पहलुओं पर पड़ताल की। जांच के बाद चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। बाद में उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कई एंगल से जांच जारी
पुलिस के अनुसार बिलासपुर कार हादसा की जांच अभी जारी है। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि घटना केवल वाहन के अनियंत्रित होने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। व्यक्तिगत रंजिश सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।







