Bihar Election 2025/पटना : बिहार में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान आज जारी है। इस चरण में कुल 3.7 करोड़ से अधिक मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। मतदान 122 सीटों पर हो रहा है, जिनमें कुल 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार के कई मंत्री भी चुनावी मुकाबले में शामिल हैं।
इस चरण में 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 40,073 केंद्र ग्रामीण इलाकों में हैं। कुल मतदाताओं में 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं।
मतदान में शुरू से उत्साह
Bihar Election 2025 चुनाव के दूसरे चरण में भी मतदाता सुबह-सुबह अपने मतदान केंद्रों में पहुंचकर वोटिंग कर रहे हैं। सुबह 9 बजे तक 14.55% मतदान दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा पहले चरण के उसी समय के मतदान से अधिक है, जब केवल 13.13% मतदान हुआ था।
प्रमुख उम्मीदवार और दलबदलू
इस चरण में कई प्रमुख उम्मीदवार और दल बदलने वाले नेता मैदान में हैं। इसमें ये दलबदलू उम्मीदवार इस चरण को और भी रोमांचक और महत्वपूर्ण बना रहे हैं।
- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार (कुटुंबा) अपने आरक्षित क्षेत्र से दोबारा जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
- मोहनिया से संगीता कुमारी (पहले RJD, अब BJP)
- नवादा से विधवा देवी (अब JDU)
- मुरारी गौतम (अब LJP-रामविलास)
- बांका से सांसद के बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन, इस बार RJD टिकट पर बेलहर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
बगहा के ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार
Bihar Election 2025 बगहा के रामनगर विधानसभा क्षेत्र के 22 गांवों के लगभग 15,000 मतदाता अपने 18 बूथों पर मतदान से खुद को दूर रखे हुए हैं। ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार करते हुए प्रशासन से पुल, सड़क, स्कूल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग की है। इस कारण एक भी मतदाता इन बूथों पर उपस्थित नहीं हुआ।
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वहीं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने आरोप है कि , “कई बूथों पर मतदाताओं पर लाठीचार्ज हो रहा है, कई जगह मशीनें खराब हैं। लोकतंत्र में ये गलत है… सीमांचल और कोसी जिसके साथ खड़ा होता है, वही सरकार बनाता है।” प्रशासन का कहना है कि तकनीकी टीमें तुरंत भेज दी गई हैं और मतदान प्रक्रिया को सामान्य करने की कोशिश जारी है।
बिहार विधानसभा चुनाव का यह चरण राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। मतदान का उत्साह सुबह से ही देखने को मिला है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी समस्याओं के कारण मतदान का बहिष्कार भी चिंता का कारण बना है। चुनाव परिणाम राज्य में एनडीए और विपक्षी गठबंधन की राजनीतिक स्थिति तय करेंगे।











