Tuesday, August 18, 2026
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M.P News : भोपाल नगर निगम में करोड़ों का घोटाला! एक ही समिति को कई बार अनुदान…निगम अध्यक्ष पर भी घोटाले के आरोप

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के अनुदान वितरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि करोड़ों रुपये के अनुदान में अनियमितताएं की गई हैं और एक ही समिति को कई बार फंड आवंटित किया गया है।

300 से ज्यादा समितियों की सूची

सूत्रों के मुताबिक, करीब 300 से अधिक समितियों की एक सूची सामने आई है, जिसमें डुप्लीकेट एंट्री और बार-बार अनुदान दिए जाने के मामले सामने आए हैं। नियम के अनुसार, किसी भी समिति को साल में केवल एक बार ही अनुदान दिया जा सकता है और अधिकतम राशि 2 लाख रुपये तय है।

डुप्लीकेट आवंटन के उदाहरण

सूची में “मधुर वेलफेयर सोसाइटी” का नाम दो बार सामने आया है, जिसे 2 लाख रुपये और अतिरिक्त 50 हजार रुपये का आवंटन किया गया।इसी तरह “जय भवानी सिद्धेश्वर श्रृंगार उत्सव समिति” को दो बार 50-50 हजार रुपये दिए गए।
“श्री हिंदू उत्सव समिति” को दशहरा और होली के लिए अलग-अलग अनुदान दिया गया, जो नियमों पर सवाल खड़ा करता है।

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 ‘सेवा भारती’ पर भी चर्चा

सूची में ‘सेवा भारती’ की विभिन्न इकाइयों के नाम 12 बार शामिल हैं। इनमें हॉस्टल, ट्रेनिंग सेंटर और स्थानीय शाखाएं शामिल हैं। प्रत्येक इकाई को 2 लाख रुपये तक अनुदान दिए जाने का प्रस्ताव है, जिससे कुल राशि लगभग 24 लाख रुपये तक पहुंचती है।

अध्यक्ष पर आरोप, विपक्ष हमलावर

निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी पर भी इस पूरे मामले में आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि 383 में से 70 से अधिक समितियों की सिफारिश अकेले अध्यक्ष द्वारा की गई थी। नेता प्रतिपक्ष सबिश्ता ज़की ने महापौर और अध्यक्ष दोनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बढ़ता बजट, बढ़ते सवाल

पिछले वर्ष जहां लगभग 3 करोड़ रुपये 345 समितियों में बांटे गए थे, वहीं इस वर्ष बजट में करीब 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे अनुदान वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 बिना ऑडिट के अनुदान?

विपक्ष का आरोप है कि कई समितियों को बिना ऑडिट और जांच के ही अनुदान दिया जा रहा है। यदि यह सही साबित होता है, तो यह एक बड़ा वित्तीय अनियमितता का मामला बन सकता है।

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