भोपाल: राजधानी भोपाल के पांच प्रमुख तालाबों का पानी जांच में खतरनाक फीकल कालिफार्म बैक्टीरिया से संक्रमित पाया गया है। यह बैक्टीरिया मानव और पशु मल से जुड़ा हुआ है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
तालाबों में मिले खतरनाक बैक्टीरिया
जल परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार तालाबों में फीकल कालिफार्म बैक्टीरिया की मात्रा 1600 पाई गई, जबकि राष्ट्रीय मानकों के अनुसार इस संख्या का स्तर शून्य होना चाहिए। यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि तालाबों का पानी स्वच्छ नहीं है और इसमें मानव और जानवरों के मल के अवशेष मौजूद हैं।
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NGT ने जताई नाराजगी
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की और उन्हें निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से पानी को शुद्ध करने और स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
स्वास्थ्य पर खतरा
फीकल कालिफार्म बैक्टीरिया से संक्रमित पानी पीने या इसके संपर्क में आने से डायरिया, पेट के संक्रमण, त्वचा रोग और अन्य संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तालाबों का जल क्षेत्रीय पर्यावरण और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
अधिकारियों के लिए चुनौती
तालाबों में फील्ड निगरानी, जल शुद्धिकरण और नियमित सफाई की व्यवस्था अब एक अत्यंत जरूरी कदम बन गई है। NGT ने स्पष्ट किया कि अगर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य की तैयारी जरूरी
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तालाबों का यह हाल पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य संकट का संकेत है। जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत तालाबों की सफाई, जल शोधन और मानव एवं पशु मल प्रबंधन पर ध्यान देना होगा।













