भिवंडी। महाराष्ट्र के भिवंडी के चिंबीपाड़ा गांव में शुक्रवार देर रात एक प्रार्थना सभा के दौरान ईसाई धर्मांतरण के कथित प्रयास ने हड़कंप मचा दिया। पुलिस ने इस मामले में एक अमेरिकी नागरिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह विदेशी नागरिक बिजनेस वीजा पर भारत आया था, लेकिन धार्मिक गतिविधियों में शामिल होकर वीजा शर्तों का उल्लंघन कर रहा था।
तीन आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में अमेरिकी नागरिक जेम्स वॉटसन (58), पालघर निवासी साईनाथ गणपति सर्पे (42) और चिंबीपाड़ा निवासी मनोज गोविंद कोल्हा (35) शामिल हैं। तीनों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए (धार्मिक भावनाएं आहत करना), धारा 298, विदेशी अधिनियम (वीजा उल्लंघन) और महाराष्ट्र के काला जादू विरोधी कानून 2013 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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धर्मांतरण के लिए प्रार्थना सभा
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को मनोज कोल्हा के घर के बाहर एक प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 35 ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान वॉटसन और उसके साथियों ने धार्मिक पुस्तकें पढ़ीं और ईसाई धर्म का प्रचार करते हुए कहा कि “हिंदू धर्म अंधविश्वास पर आधारित है, जबकि ईसाई धर्म अपनाने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।”
आरोपियों ने यह भी दावा किया कि “ईसा मसीह से प्रार्थना करने और प्रसाद के रूप में दी जाने वाली शराब पीने से बीमारियां ठीक हो सकती हैं।”
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‘दिव्य उपचार’ का दावा
शिकायत में कहा गया है कि सभा के दौरान वॉटसन ने चार बीमार बच्चियों के नाम पूछे और उनके माथे पर हाथ रखकर यह कहते हुए प्रार्थना की कि वह उन्हें “दिव्य शक्ति” से ठीक कर सकता है। यह दावा सुन ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
वीजा शर्तों का उल्लंघन
वरिष्ठ निरीक्षक हर्षवर्धन बर्वे ने बताया कि वॉटसन बिजनेस वीजा पर भारत आया था, लेकिन धार्मिक प्रचार में शामिल होकर उसने वीजा नियमों का उल्लंघन किया। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और यह जांच की जा रही है कि क्या यह किसी बड़े धर्मांतरण नेटवर्क का हिस्सा था।













