Bhilai Steel Plant : भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) और नगर निगम भिलाई के बीच प्रॉपर्टी टैक्स विवाद एक बार फिर गरमा गया है। निगम ने बीएसपी को 228 करोड़ रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स का ताजा नोटिस जारी किया है, जिसकी अदायगी के लिए 30 दिन की मोहलत दी गई है। बीएसपी की ओर से अब तक टैक्स जमा नहीं करने पर निगम प्रशासन ने प्लांट की सम्पत्तियों का विस्तृत सर्वे कराने की योजना बनाई है। खास बात यह है कि इस सर्वे के लिए आईआईटी भिलाई के ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
Bhilai Steel Plant : निगम सूत्रों की मानें तो बीएसपी द्वारा अपनी सम्पत्तियों की वास्तविक स्थिति और उपयोग की जानकारी छुपाने का आरोप है। अस्पताल, स्कूल, पार्क और अन्य भवनों को सार्वजनिक सम्पत्ति बताकर टैक्स में छूट ली जा रही है, जबकि निगम का दावा है कि इनसे बीएसपी मोटी कमाई कर रही है। अस्पताल में निजी मरीजों से शुल्क वसूला जा रहा है और स्कूल भवनों को लीज पर दिया गया है, जिससे प्राप्त होने वाली आय का ब्यौरा भी टैक्स विवरण में नहीं जोड़ा गया है।
नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडे ने बताया कि बीएसपी को भेजे गए नोटिस के साथ ही टाउनशिप और संयंत्र क्षेत्र का ड्रोन सर्वे कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए आईआईटी भिलाई से बातचीत अंतिम चरण में है। अन्य एजेंसियों के प्रस्तावों पर भी विचार हुआ, लेकिन सर्वे की सटीकता और पारदर्शिता को देखते हुए आईआईटी भिलाई को ही प्राथमिकता दी जा रही है।
Bhilai Steel Plant
कोर्ट में वर्षों से जारी है टैक्स का पुराना विवाद
बीएसपी और निगम के बीच प्रॉपर्टी टैक्स का पुराना मामला पहले से ही उच्च न्यायालय बिलासपुर में लंबित है। 2019 में निगम ने बीएसपी को कुर्की का नोटिस जारी कर प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली का प्रयास किया था, जिसके खिलाफ बीएसपी ने न्यायालय का रुख किया। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत बीएसपी ने इस मामले से जुड़े 6000 पन्नों के दस्तावेज इकठ्ठा कर रखे हैं।
टैक्स विवाद को लेकर बीएसपी और निगम के बीच अब तक कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन समाधान नहीं निकल सका है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों के साथ टैक्स वसूली और छूट के तर्क पर अड़े हुए हैं। अब निगम के ड्रोन सर्वे की योजना इस विवाद में नया मोड़ ला सकती है।













