Bharat Muni Samman 2025 : रायपुर/ठाणे (मुंबई)। छत्तीसगढ़ की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत ‘पंडवानी’ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती द्वारा वेदमती शैली की प्रमुख पंडवानी गायिका प्रभा यादव को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित “अखिल भारतीय भरतमुनि सम्मान” से सम्मानित किया गया है। 1 फरवरी 2026 को ठाणे (महाराष्ट्र) के गडकरी रंगायतन सभा हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें यह गौरव प्रदान किया गया।
कला साधना का राष्ट्रीय सम्मान संस्कार भारती के अखिल भारतीय महामंत्री अश्विन दलवी ने बताया कि यह सम्मान नाट्य शास्त्र के रचयिता महर्षि भरतमुनि को समर्पित है। प्रभा यादव को उनकी निरंतर कला साधना और लोक कला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए विशेषज्ञों की समिति द्वारा चुना गया। सम्मान स्वरूप उन्हें अंग वस्त्रम, श्रीफल, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और 1,51,000 रुपये (एक लाख इक्यावन हजार) की सम्मान राशि भेंट की गई।
दिग्गजों के हाथों मिला गौरव संस्कार भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के सह महामंत्री डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर ने जानकारी दी कि प्रभा यादव को यह सम्मान सुप्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य विदुषी सोनल मानसिंह (पद्म विभूषण) तथा संस्कार भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष व विख्यात वायलिन वादक डॉ. मैसूर मंजूनाथ के कर-कमलों से प्रदान किया गया। इस गौरवमयी क्षण के साक्षी देश भर से आए कला प्रेमी और साहित्यकार बने।
छत्तीसगढ़ में हर्ष की लहर प्रभा यादव को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान से छत्तीसगढ़ के कला जगत में हर्ष व्याप्त है। वेदमती शैली की पंडवानी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली प्रभा यादव की इस उपलब्धि को राज्य के सांस्कृतिक ढांचे के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। संस्कार भारती ने कहा कि ऐसी विभूतियों को सम्मानित करना संस्था के लिए गौरव की बात है, जो अपनी कला के माध्यम से समाज को संस्कारित और समृद्ध कर रही हैं।













