Battle of Galwan : मुंबई। अभिनेता सलमान खान की आगामी फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का टीजर रिलीज होते ही पड़ोसी देश चीन में हड़कंप मच गया है। जून 2020 में गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष पर आधारित इस फिल्म ने बीजिंग की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। चीन के सरकारी भोंपू कहे जाने वाले अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने इस फिल्म के खिलाफ एक लंबी रिपोर्ट प्रकाशित कर अपनी नाराजगी जाहिर की है और फिल्म में दिखाए गए तथ्यों को सिरे से खारिज करने की कोशिश की है।
चीन का दावा है कि भारतीय सेना ने पहले सीमा लांघी थी और बॉलीवुड अपनी फिल्मों के जरिए राष्ट्रवादी भावनाओं को भड़का रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने रिपोर्ट में लिखा है कि कोई भी सिनेमाई रचनात्मकता इतिहास को नहीं बदल सकती। चीन ने अपनी सेना (PLA) के जवानों की बहादुरी का गुणगान करते हुए कहा है कि उनके सैनिक अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए डटे हुए हैं, जबकि हकीकत यह है कि गलवान में चीनी सैनिकों ने विश्वासघात करते हुए भारतीय गश्ती दल पर हमला किया था।
फिल्म में सलमान खान शहीद कर्नल संतोष बाबू की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। चीन ने इस भूमिका पर तंज कसते हुए इसे ‘कथित अहम भूमिका’ करार दिया है। चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘वीबो’ पर भी फिल्म के विजुअल्स और कहानी का मजाक उड़ाने की कोशिश की जा रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि फिल्म के टीजर ने वहां के जनमानस और सरकार में कितनी बेचैनी पैदा कर दी है।
चीनी मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झोंगपिंग ने बॉलीवुड पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत अक्सर अपनी सांस्कृतिक और राजनीतिक परंपरा के तहत फिल्मों का इस्तेमाल एजेंडा चलाने के लिए करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने एलएसी पर एकतरफा निर्माण कार्य किए और उकसावे की कार्रवाई की। हालांकि, भारतीय पक्ष और वैश्विक रिपोर्ट्स हमेशा से चीन के इन दावों को झुठलाती रही हैं और 15-16 जून की उस काली रात के लिए चीनी धोखेबाजी को जिम्मेदार मानती हैं।
यह फिल्म 17 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी, लेकिन इसके टीजर ने रिलीज से पहले ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को फिर से चर्चा में ला दिया है। जहां भारत में इस फिल्म को लेकर भारी उत्साह है और लोग शहीदों को श्रद्धांजलि के रूप में देख रहे हैं, वहीं चीन इसे अपनी छवि खराब करने वाले एक हथियार के रूप में देख रहा है। फिल्म की रिलीज के वक्त यह विवाद और भी गहराने की संभावना है।













