राजनांदगाँव। शहर के बजरंगपुर नवागाँव इलाके में हुई दर्दनाक ट्रिपल मर्डर की घटना ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। चाकू से किए गए इस निर्मम हत्याकांड में एक के बाद एक तीन युवकों की हत्या हुई, जिससे न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं बल्कि पुलिस की कथित लापरवाही भी उजागर हुई है।
इस घटना के बाद कांग्रेस की जांच समिति मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। समिति के अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने परिवारों को ढांढस बंधाते हुए प्रदेश सरकार से तत्काल आर्थिक मदद की मांग की। उन्होंने कहा, “यदि पुलिस समय रहते सक्रिय होती तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।”
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धनेंद्र साहू ने मृतकों के परिवारों के लिए प्रस्तावित सहायता का विवरण देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को कम से कम 20-20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और प्रत्येक परिवार से एक-एक सदस्य को शासकीय नौकरी प्रदान की जानी चाहिए। इसके साथ ही घायल युवक के उपचार की पूरी जिम्मेदारी सरकार पर होनी चाहिए।
साहू ने इस घटना का मुख्य कारण शहर में बढ़ते नशे के कारोबार को बताया और शासन-प्रशासन से मांग की कि नशीली गोलियों और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने कहा कि आरोपी को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी वारदात करने की हिम्मत न कर सके।
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धनेंद्र साहू ने आईजी से दूरभाष पर बातचीत कर पूरी स्थिति से अवगत कराया और कहा कि यह हत्याकांड राजनांदगाँव जिले में हुआ है, जो तीन बार के मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का क्षेत्र है और वर्तमान में गृहमंत्री विजय शर्मा के प्रभार में आता है। इस प्रकार यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करती है।
कांग्रेस जांच समिति ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इसमें शामिल थे:
- मृतक विशाल राजपूत के परिजन संजय राजपूत और अजय राजपूत
- मृतक राकेश ढीमर की पत्नी और भाई
- मृतक सचिन मलिकपूरी के भाई, भतीजे और ससुर
इस अवसर पर धनेंद्र साहू के साथ कई वरिष्ठ कांग्रेसजन मौजूद थे, जिनमें पूर्व मंत्री अरुण वोरा, भोलाराम साहू, दलेश्वर साहू, हर्षिता स्वामी बघेल, शाहिद खान, भागवत साहू, कुलबीर सिंह छाबड़, कमलजीत सिंह पिंटू, पंकज बांधव, अमित चंद्रवंशी, आसिफ अली, पार्षद राजा तिवारी, विवेक वासनिक, संतोष पिल्ले, शुभम पांडे, इकरामुद्दीन सोलंकी, छोटेलाल रामटेके, शैलेश ठावरे, राहुल गजभिए, संदीप जयसवाल, शारदा तिवारी, सुरेंद्र देवांगन, अनिल साहू, उमराव साहू और राहुल देवांगन शामिल थे।
धनेंद्र साहू ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को उचित मदद प्रदान करे और कानून के तहत आरोपियों को तुरंत कठोर सजा मिले। यह घटना न केवल पीड़ित परिवारों के लिए बल्कि पूरे जिले और राज्य की जनता के लिए चेतावनी है कि अपराधियों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।”











