Ram Mandir Chadhava Case: राम मंदिर चढ़ावा मामला अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। अयोध्या में राम मंदिर की दान राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने छह दिनों तक जांच करने के बाद अपनी पड़ताल पूरी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जा सकती है।रिपोर्ट आने से पहले ही मंदिर ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
राम मंदिर चढ़ावा मामला की जांच में दान राशि की गिनती और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियों को प्रारंभिक स्तर पर सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े नियमों के पालन में कथित कमियों के संकेत मिले हैं।सूत्रों के अनुसार बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि चढ़ावे की राशि के प्रबंधन में कहीं किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
150 लोगों के नाम जांच के दायरे में
राम मंदिर चढ़ावा मामला में जांच एजेंसियों के सामने करीब 150 लोगों के नाम आए हैं। सूत्रों के मुताबिक इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।जांच टीम संबंधित लोगों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
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CCTV फुटेज और पुराने रिकॉर्ड बने चुनौती
जांच में राम मंदिर चढ़ावा मामला की सबसे बड़ी चुनौती पुराने सबूतों को जुटाना बताया जा रहा है। मंदिर परिसर के CCTV कैमरों का बैकअप सीमित समय तक उपलब्ध रहता है, जिससे पुराने रिकॉर्ड हासिल करने में परेशानी आ रही है।सूत्रों के अनुसार कुछ फुटेज के साथ छेड़छाड़ के संकेतों की भी जांच की जा रही है। इसके लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता ली जा सकती है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंक अधिकारियों से पूछताछ
SIT ने जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत कई संबंधित लोगों से पूछताछ की। इसके साथ ही भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी ली गई।राम मंदिर चढ़ावा मामला में जांच एजेंसियां उन लोगों से भी पूछताछ करना चाहती हैं जो दान राशि के प्रबंधन से जुड़े थे।
अब तक हुई नकदी बरामदगी
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार राम मंदिर चढ़ावा मामला में पूछताछ और कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपियों की निशानदेही पर लगभग 2 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई है। साथ ही कुछ अन्य वस्तुओं की भी जांच की जा रही है। इन बरामदगियों की पूरी कानूनी जांच जारी है।
राजनीतिक गलियारों में भी तेज हुई बहस
राम मंदिर चढ़ावा मामला ने राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया है। विपक्षी दलों ने इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग की है, जबकि मंदिर ट्रस्ट की ओर से पहले कहा गया था कि किसी वित्तीय अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।इसी बीच कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
SIT रिपोर्ट पर टिकी देश की नजर
राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा स्थान है। ऐसे में राम मंदिर चढ़ावा मामला बेहद संवेदनशील बन गया है। अब सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे किन लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे।









