CG Crime: 45 करोड़ दिलाने का झांसा, 1.13 करोड़ हड़प गए ठग! रायपुर पुलिस ने नागपुर से दबोचीं 2 शातिर महिलाएं

Rahul Goshwami

Raipur Investment Fraud Case: 45 करोड़ निवेश ठगी मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सामने आए एक बड़े आर्थिक अपराध के बाद चर्चा में है। रायपुर पुलिस ने 45 करोड़ रुपये का निवेश दिलाने का झांसा देकर 1.13 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में दो महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

पुलिस के अनुसार 45 करोड़ निवेश ठगी मामला तब सामने आया जब बालोद जिले के ग्राम बोरिदकला निवासी उमेश कुमार सिन्हा ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उमेश कुमार सिन्हा सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी के विस्तार और नए प्लांट के लिए करीब 45 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता थी।इसी दौरान उनकी मुलाकात राकेश कौशिक के माध्यम से कुछ लोगों से कराई गई। आरोपियों ने खुद को बड़े उद्योगपतियों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताते हुए निवेश उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

1.13 करोड़ रुपये की ठगी को दिया अंजाम
जांच में सामने आया कि 45 करोड़ निवेश ठगी मामला केवल निवेश का वादा नहीं था, बल्कि पहले विभिन्न प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेजी खर्च और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर रकम मांगी गई। धीरे-धीरे पीड़ित से कुल 1.13 करोड़ रुपये अलग-अलग माध्यमों से ले लिए गए, लेकिन निवेश की राशि कभी नहीं मिली।जब लंबे समय तक कोई निवेश नहीं आया और आरोपी टालमटोल करने लगे, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
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दो महिला आरोपी नागपुर से गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान रायपुर पुलिस ने 45 करोड़ निवेश ठगी मामला में नागपुर से दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय (कोलकाता) और दीपिका पालीवाल (उदयपुर, राजस्थान) के रूप में हुई है।पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी गिरोह की सक्रिय सदस्य हैं और लंबे समय से इस तरह की वारदातों में शामिल रही हैं।

15 साल से सक्रिय है ठगी का नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार 45 करोड़ निवेश ठगी मामला किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह पिछले करीब 15 वर्षों से देश के कई राज्यों में सक्रिय है। नागपुर, लखनऊ और अन्य शहरों में भी इसी तरह निवेश, फंडिंग और बड़े प्रोजेक्ट दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई है।पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

पुलिस कर रही नेटवर्क की पड़ताल
रायपुर पुलिस का कहना है कि 45 करोड़ निवेश ठगी मामला में गिरफ्तार दोनों महिलाओं से पूछताछ के आधार पर कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा देश के किन-किन राज्यों में इन्होंने वारदातों को अंजाम दिया है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश, फंडिंग या बड़े आर्थिक प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले संबंधित व्यक्ति और संस्था की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।

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