Archana Tiwari Case : भोपाल, मध्यप्रदेश : चलती ट्रेन से गायब हुई अर्चना तिवारी का मामला आखिरकार सुलझ गया है। जीआरपी पुलिस ने खुलासा किया है कि यह कोई गुमशुदगी नहीं, बल्कि खुद अर्चना का सुनियोजित प्लान था। रेल एसपी राहुल लोढ़ा के अनुसार, परिवार द्वारा शादी के दबाव से परेशान होकर अर्चना ने यह कदम उठाया था।
Archana Tiwari Case : अर्चना ने अपने बयान में बताया कि वह छात्र राजनीति में सक्रिय थीं और सिविल जज बनने की तैयारी कर रही थीं। उनके परिवार वाले एक पटवारी से उनकी शादी करवाना चाहते थे, जिसका वह विरोध कर रही थीं। इसी मानसिक तनाव के कारण उन्होंने रक्षाबंधन से पहले घर जाने के बजाय ‘लापता’ होने की योजना बना ली।
पूरा घटनाक्रम: इंदौर से काठमांडू तक का सफर
- प्लानिंग: अर्चना ने बताया कि उन्होंने हरदा में बैठकर अपने कुछ दोस्तों के साथ भागने की योजना बनाई थी।
- ट्रेन से निकलना: 7 अगस्त को वह इंदौर-नर्मदा एक्सप्रेस से कटनी के लिए निकलीं, लेकिन पहले से तय योजना के मुताबिक वह इटारसी रेलवे स्टेशन पर उतर गईं।
- दोस्तों की मदद: इटारसी में उनका दोस्त सारांश इंतजार कर रहा था। वहीं, उनके एक पुराने क्लाइंट और कैब ड्राइवर तेजिंदर ने भी मदद की। तेजिंदर ने अर्चना को ट्रेन में ही कपड़े दिए ताकि वह पहचान में न आएं।
- बैग छोड़ने की वजह: पुलिस को भ्रमित करने के लिए अर्चना ने अपना बैग ट्रेन में ही छोड़ दिया था। उनका मकसद यह दिखाना था कि वह ट्रेन से गिरकर हादसे का शिकार हो गई हैं।
- सफर: इटारसी से वे सारांश के साथ शुजालपुर और फिर इंदौर गईं। मीडिया में मामला चर्चित होने पर वे हैदराबाद चली गईं। वहां से दिल्ली होते हुए 14 अगस्त को काठमांडू पहुंच गईं।
- नेपाल में: काठमांडू में सारांश ने एक होटल में उनके रुकने का इंतजाम किया और खुद इंदौर लौट आया। अर्चना ने एक नेपाली सिम लेकर सारांश से व्हाट्सएप पर बात करना जारी रखा।
ऐसे सुलझी गुत्थी
पुलिस ने तेजिंदर और सारांश से पूछताछ की। तेजिंदर को दिल्ली पुलिस ने एक अन्य मामले में हिरासत में लिया था, जिससे पुलिस को अहम जानकारी मिली। सारांश के जरिए ही पुलिस ने अर्चना से संपर्क किया और उन्हें वापस आने के लिए राजी किया। अर्चना ने जोर देकर कहा कि सारांश और तेजिंदर ने सिर्फ एक दोस्त के नाते उनकी मदद की, और उनके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ है।
पुलिस ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई आपराधिक धारा नहीं बनती है। अर्चना को बयान दर्ज करने के बाद उनके परिवार को सौंप दिया गया है।













