Aniruddhacharya : मथुरा। प्रसिद्ध भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य द्वारा महिलाओं के प्रति कथित अभद्र टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य को धार्मिक मंच से महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए सुना गया, जिसके बाद लोगों में आक्रोश की लहर फैल गई है। विशेष रूप से महिला संगठनों और कानूनी संस्थाओं ने इस बयान की तीखी निंदा की है।
मथुरा बार एसोसिएशन की महिला अधिवक्ताएं भड़कीं
घटना के बाद मथुरा बार एसोसिएशन की महिला अधिवक्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ‘महिलाओं का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’, ‘नारी शक्ति का अपमान बंद करो’, और ‘अनिरुद्धाचार्य माफी मांगो’ जैसे नारों के साथ महिला वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार को ज्ञापन सौंपा और कथावाचक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
महिला वकीलों ने आरोप लगाया कि धार्मिक मंच से इस तरह की भाषा का प्रयोग केवल निंदनीय ही नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और समाज की शांति के खिलाफ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसी टिप्पणियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपमानजनक बयान देने से पहले सोचने पर मजबूर हो।

SSP को ज्ञापन, एफआईआर की मांग
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव की मौजूदगी में महिला वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने SSP को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि संबंधित वीडियो में अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी महिलाओं की सामाजिक छवि और सम्मान को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने मांग की कि IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अनिरुद्धाचार्य को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए बाध्य किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
महिला वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे शहरभर में विरोध प्रदर्शन को और तेज करेंगी। आने वाले दिनों में कचहरी परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अनिरुद्धाचार्य का पुतला दहन किया जाएगा।
सामाजिक और धार्मिक स्तर पर विरोध
यह मामला अब धार्मिक दायरे से निकलकर सामाजिक और कानूनी विमर्श का केंद्र बन चुका है। केवल वकील समुदाय ही नहीं, बल्कि महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हाल ही में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे मंच से महिलाओं को लेकर विवादास्पद और अशोभनीय टिप्पणी करते दिखाई देते हैं। वीडियो के वायरल होते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और क्या अनिरुद्धाचार्य को उनके बयान के लिए कानूनी रूप से जवाबदेह ठहराया जाता है या नहीं।













