ग्वालियर। डेढ़ साल बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट में सभी दलों के नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक आयोजित की। इस बैठक में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, स्थानीय मंत्री, विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों और जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। हालांकि ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाहा की गैरमौजूदगी ने पार्टी में चल रही गुटबाजी को उजागर कर दिया।
बैठक में सिंधिया ने शहर में लंबित 18 निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन पर चर्चा की। इसमें एलिवेटेड रोड, ग्वालियर रेलवे स्टेशन, महाराज बड़ा स्थित मल्टीलेवल पार्किंग, शासकीय प्रेस, पीने के पानी की लाइन, शहर के सीवर प्रोजेक्ट और शहर के प्रवेश द्वार समेत अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का समावेश था। उन्होंने लंबित कार्यों में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की और सभी पक्षों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया।
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सिंधिया ने कहा कि पिछले अनुभव के आधार पर हर निर्माण कार्य के लिए अलग टाइमलाइन और डेडलाइन तय की जाएगी। अब सभी विकास कार्यों की नियमित समीक्षा के साथ उनके पूर्ण होने की समयसीमा तय की जाएगी, ताकि ग्वालियर में विकास की गति तेज हो और जनता को इसका लाभ शीघ्र मिल सके।
बैठक में सिंधिया समर्थक तीनों मंत्री तुलसी सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, नारायण सिंह कुशवाहा और ग्वालियर की महापौर सुबह सिकरवार भी उपस्थित रहीं। इसके अलावा पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर, पूर्व मंत्री इमरती देवी और विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी बैठक में भाग लिया।
सिंधिया ने बैठक के समापन पर कहा कि पक्ष और विपक्ष को साथ लेकर एक सकारात्मक माहौल में कठिनाइयों का मूल्यांकन किया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि अब ग्वालियर के सभी लंबित विकास कार्य नियत समय सीमा में पूर्ण किए जाएंगे।












