air india security lapse : नई दिल्ली। विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) ने एअर इंडिया के एक A320 नियो विमान को बिना जरूरी एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) के कई रूट्स पर उड़ान भरने के गंभीर मामले में तत्काल ग्राउंड कर दिया है। डीजीसीए ने इस घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए जांच शुरू कर दी है, जो सुरक्षा मानकों को लेकर बड़ी प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है।
air india security lapse : 8 रेवेन्यू सेक्टर्स पर भरी उड़ान
डीजीसीए के मुताबिक, एअर इंडिया ने 26 नवंबर को नियामक को जानकारी दी कि A320 नियो विमान ने आठ रेवेन्यू सेक्टर्स पर ऐसे समय उड़ान भरी, जब उसका वार्षिक एआर सर्टिफिकेट (ARC) खत्म हो चुका था।
ARC किसी भी विमान के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, फिजिकल हालत और सभी मानकों के पालन की व्यापक जांच के बाद सालाना जारी किया जाता है। यह विमान के मुख्य ‘सर्टिफिकेट ऑफ एयरवर्दीनेस’ की मान्यता को प्रमाणित करता है।
air india security lapse : प्रशासनिक चूक और कार्रवाई
डीजीसीए ने तुरंत जांच बैठा दी और ऑपरेटर को विमान ग्राउंड करने का आदेश दिया। नियामक ने एअर इंडिया को आंतरिक जांच करने के निर्देश दिए हैं ताकि पता चल सके कि ऐसी खामी कैसे सामने आई।
प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चला है कि:
- यह विमान पहले विस्तारा बेड़े में था और नवंबर 2024 में एअर इंडिया में मर्ज हुआ था।
- एआरसी नवीनीकरण के लिए आवेदन डीजीसीए को दिया गया था।
- इसी दौरान इंजन बदलाव के लिए विमान को ग्राउंड किया गया और इसी अवधि में एआरसी की समयसीमा समाप्त हो गई।
- इसके बावजूद, इंजन बदलने के बाद विमान को बिना एआरसी नवीनीकरण के ही उड़ान के लिए छोड़ दिया गया।
डीजीसीए ने इसे एअर इंडिया की गंभीर प्रशासनिक चूक बताया है।
air india security lapse : कर्मचारी ड्यूटी से हटाए गए
डीजीसीए ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार संबंधित कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक तुरंत डेरोस्टर (ड्यूटी से हटा) कर दिया है। नियामक ने साफ किया है कि एयरवर्दीनेस से जुड़ी कोई भी चूक सीधे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी होती है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।













