Agar Malwa: आगर मालवा। मध्य प्रदेश के आगर मालवा में श्मशान भूमि पर प्रस्तावित फायर स्टेशन निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य का हिंदू समाज के लोगों ने कड़ा विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खुदाई के दौरान जमीन से मानव कंकाल निकल रहे हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
निर्माण स्थल को बताया आस्था से जुड़ा स्थान
शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिला और पुरुष विश्राम गृह पहुंचे और प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य रोकने की मांग की। समाजजनों का कहना था कि जिस स्थान पर फायर स्टेशन बनाया जा रहा है, वह वर्षों पुरानी श्मशान भूमि है, जहां अंतिम संस्कार किए जाते रहे हैं। उनका दावा है कि खुदाई के दौरान मानव कंकाल और अस्थियां भी निकल रही हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह स्थल श्मशान के रूप में उपयोग में रहा है।
‘फायर स्टेशन का विरोध नहीं, स्थान बदला जाए’
Agar Malwa: प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि वे फायर स्टेशन जैसी जनहित की परियोजना के विरोधी नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि निर्माण के लिए किसी अन्य शासकीय भूमि का चयन किया जाए, ताकि धार्मिक आस्था और परंपराओं का सम्मान बना रहे। उनका कहना है कि श्मशान भूमि पर निर्माण समाज की भावनाओं के विपरीत है।
जमीन पर बैठकर सुनी लोगों की बात
Agar Malwa: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने जमीन पर बैठकर लोगों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को फायर स्टेशन का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि प्रशासन सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करेगा और आपसी सहमति से समाधान निकाला जाएगा। साथ ही फायर स्टेशन के लिए वैकल्पिक भूमि की तलाश भी की जाएगी, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हो और धार्मिक आस्था का सम्मान भी बना रहे।
लिखित आदेश की मांग पर अड़े समाजजन
Agar Malwa: हालांकि मंत्री के आश्वासन के बाद लोगों ने राहत जताई, लेकिन समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक निर्माण रोकने का लिखित आदेश जारी नहीं होता और श्मशान भूमि की सुरक्षा को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच और वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहा है, जबकि यह मुद्दा अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है।







