Nimad Valley School Occupation : बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में प्रशासन ने सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जे के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। गणपति थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एमागिर्द पंचायत में पिछले 21 वर्षों से एक निजी स्कूल द्वारा कब्जा किए गए सामुदायिक भवन के कमरों को तहसीलदार ने मुक्त कराकर पंचायत को हैंडओवर कर दिया है।
2003 से ‘लापता’ था सामुदायिक भवन
मामला काफी दिलचस्प और हैरान करने वाला है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2003 में तत्कालीन विधायक हमीद काजी ने अपनी विधायक निधि से एमागिर्द पंचायत में एक सामुदायिक भवन का निर्माण कराया था। लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही यह सरकारी भवन कागजों और मौके से गायब हो गया। लंबी जांच और शिकायतों के बाद प्रशासन को पता चला कि यह भवन कहीं और नहीं, बल्कि शहर की प्रतिष्ठित ‘निमाड़ वेली स्कूल’ के परिसर के भीतर ही मौजूद है।
तहसीलदार की मौजूदगी में हुई जब्ती
जांच में पुष्टि हुई कि स्कूल के भीतर सामुदायिक भवन के दो कमरों पर अवैध कब्जा कर उन्हें स्कूल के काम में लिया जा रहा था। सोमवार को तहसीलदार प्रवीण ओहरिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और भवन को अपने कब्जे में लिया। प्रशासन ने मौके पर ही पंचनामा तैयार कर दोनों कमरों को एमागिर्द पंचायत के सुपुर्द कर दिया।
राजनीतिक कनेक्शन और विवाद
यह स्कूल पूर्व विधायक हमीद काजी के बेटे नूर काजी द्वारा संचालित किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनातनी भी देखी गई:
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पंचायत का रुख: पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि 2003 से लेकर अब तक इस सरकारी भवन के व्यावसायिक उपयोग के बदले किराया वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी।
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स्कूल संचालक का पक्ष: नूर काजी ने इस प्रशासनिक कार्रवाई को ‘अवैधानिक’ करार दिया है। उनका कहना है कि वे इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण लेंगे।
प्रशासन की चेतावनी
तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन या भवन पर किसी भी तरह का निजी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायतकर्ता अजहर उल हक की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई ने जिले में अन्य सरकारी संपत्तियों पर काबिज लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया है।











