Narendra Modi : नई दिल्ली में लोकसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर देश का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि नागरिकों, पावर प्लांट और कमर्शियल जहाजों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित करना भी मंजूर नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संकट का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।
Narendra Modi : प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आयात के स्रोत बढ़ाकर 27 से 41 देशों तक कर दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि देश में ऊर्जा संकट न आए और सप्लाई चेन सुचारू बनी रहे। साथ ही 65 लाख मीट्रिक टन तक रणनीतिक भंडारण की तैयारी पर भी काम किया जा रहा है।
विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक 3.75 लाख भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें ईरान से लौटे हजार लोग और 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं।
ऊर्जा और बिजली की स्थिति पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में कोयले का पर्याप्त स्टॉक है और पावर सप्लाई सिस्टम की लगातार निगरानी की जा रही है। सरकार सोलर, बायोगैस और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे विकल्पों को भी तेजी से बढ़ा रही है ताकि भविष्य में ऊर्जा जरूरतों को संतुलित किया जा सके।
Narendra Modi : खाद्य सुरक्षा को लेकर भी प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि देश में पर्याप्त अन्न भंडार मौजूद है और किसानों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद सरकार ने पहले भी किसानों को राहत दी है और आगे भी हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
Narendra Modi : प्रधानमंत्री ने राज्यों से अपील की कि इस तरह के संकट में जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि हालात का फायदा उठाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी और सभी नागरिकों से अफवाहों से बचने की भी अपील की।











