Tuesday, September 15, 2026
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ईरान से दुश्मनी लेकर बुरे फंसे ट्रंप, अपने ही हुए नाराज! अमेरिकी जनता से लेकर नेता भी नाखुश, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बना कारण

Donald Trump
Donald Trump


निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  मिडिल-
ईस्ट में जारी संघर्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक स्थिति को कठिन बना दिया है। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के लगभग दो सप्ताह बाद भी क्षेत्र में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। लगातार मिसाइल हमलों और बमबारी से पूरा इलाका अस्थिर बना हुआ है, जिसका असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर, बढ़ीं पेट्रोल कीमतें

ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। मिडिल-ईस्ट में तनाव के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है।
यूरोप और अमेरिका में महंगाई बढ़ने के कारण आम उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में और बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

अमेरिकी राजनीति में ट्रंप पर बढ़ा दबाव

युद्ध के दौरान अमेरिकी नागरिकों की मौत, बढ़ती तेल कीमतें और वित्तीय बाजारों में गिरावट ने ट्रंप प्रशासन को घरेलू स्तर पर आलोचना के घेरे में ला दिया है।रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप के कुछ समर्थक भी अब उनकी विदेश नीति और युद्ध रणनीति पर सवाल उठाने लगे हैं, जिससे उनके लोकप्रियता आंकड़ों में गिरावट दर्ज की जा रही है।

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मिडटर्म चुनाव से पहले डेमोक्रेट्स का हमला

नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रंप की ईरान नीति को बड़ा मुद्दा बना लिया है।
नेशनल डेमोक्रेटिक ट्रेनिंग कमिटी के सीईओ केली डिट्रिच का कहना है कि ट्रंप प्रशासन के पास इस युद्ध को लेकर कोई स्पष्ट दीर्घकालिक रणनीति नहीं है। उनका आरोप है कि गलत फैसलों के कारण अमेरिका को अब गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ रहा है।

मीडिया कवरेज को लेकर ट्रंप की नाराजगी

राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया कवरेज पर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि कुछ मीडिया संस्थान ऐसे रिपोर्ट कर रहे हैं जैसे वे अमेरिका की हार देखना चाहते हों।साथ ही यह भी सामने आया है कि इजरायल को छोड़कर कई अन्य सहयोगी देशों को ईरान के खिलाफ सैन्य योजना की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना वैश्विक चिंता का केंद्र

ईरान युद्ध के बीच सबसे बड़ा खतरा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर सामने रहा है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल परिवहन का प्रमुख मार्ग है।यदि ईरान इसे बंद करने का फैसला करता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ट्रंप ने इस स्थिति से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत बताई है। उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से अपील की है कि वे अपने युद्धपोत भेजकर तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

रूस को हो सकता है आर्थिक फायदा

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष से रूस को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। बताया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कुछ रूसी तेल शिपमेंट्स पर लगे प्रतिबंधों को आंशिक रूप से आसान किया है। इससे रूस को वैश्विक ऊर्जा बाजार में फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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