Punjab Industrial Summit : चंडीगढ़। पंजाब में औद्योगिक निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से आयोजित निवेशक सम्मेलन में अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य को ‘औद्योगिक हब’ बनाने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार उद्योगों को हर संभव सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है और चीन जैसे देशों के वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए राज्य में एक मजबूत और पारदर्शी औद्योगिक माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब को लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है, जिससे भविष्य में करीब 5.5 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
केजरीवाल ने पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले उद्योगपतियों को मंजूरी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और रिश्वतखोरी का बोलबाला था। अब पंजाब में उद्योग-अनुकूल माहौल है। सरकार ने ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू किया है, जिसके तहत उद्योगों को 45 दिनों के भीतर सभी मंजूरियां मिल जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा में मंजूरी नहीं मिलती, तो 46वें दिन स्वतः ही ‘डीम्ड अप्रूवल’ की सुविधा प्रभावी हो जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित हुई है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस सम्मेलन को पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए ‘नए युग की शुरुआत’ बताया। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू, एचएमईएल, ट्राइडेंट ग्रुप और हीरो जैसे बड़े औद्योगिक समूहों ने राज्य में अपने कारोबार के विस्तार की बड़ी घोषणाएं की हैं। सीएम मान ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को ‘नौकरी मांगने वाला’ नहीं, बल्कि ‘नौकरी देने वाला’ बनाना चाहती है। उन्होंने निवेशकों को बेहतर बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन और त्वरित मंजूरी प्रणाली का भरोसा दिलाया।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार के हालिया सर्वेक्षण में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए 10 लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज योजना लागू की गई है, जिससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है। सरकार का मानना है कि मानव संसाधन में निवेश ही औद्योगिक विकास की असली नींव है।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2022 से अब तक राज्य को कुल 1.58 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। राज्य सरकार अब उद्योगपतियों के साथ मिलकर पंजाब की औद्योगिक तस्वीर बदलने की दिशा में आक्रामक रूप से काम कर रही है ताकि प्रदेश को देश का सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाया जा सके।










