Gharghoda Illegal Liquor Trade : घरघोड़ा में ‘सिस्टम’ की सरपरस्ती में धधक रही अवैध भट्ठियां; जहरीली शराब कांड के मुहाने पर क्षेत्र

Sanjay Sahu
Gharghoda Illegal Liquor Trade

Gharghoda Illegal Liquor Trade : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़): जिले का घरघोड़ा क्षेत्र इन दिनों अवैध गतिविधियों के केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहाँ कानून का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि शहर से लेकर गांव की गलियों तक अवैध कच्ची शराब बनाने की छोटी-छोटी फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा गोरखधंधा कथित तौर पर स्थानीय पुलिस, आबकारी विभाग और गांव के जिम्मेदारों की नाक के नीचे सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहा है।

Gharghoda Illegal Liquor Trade :रोजाना सैकड़ों लीटर का उत्पादन और खपत सूत्रों की मानें तो मुख्य मार्गों से सटे गांवों में बड़े पैमाने पर महुए की कच्ची शराब बनाई जा रही है। रोजाना सैकड़ों लीटर शराब जरकिनों और डिब्बों में भरकर दूसरे शहरों में खपाई जा रही है। इस अवैध कारोबार में होने वाली काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा संबंधित विभाग के छोटे से लेकर बड़े कर्मचारियों की ‘सेवा’ में खर्च किया जाता है, जिसके बदले धंधेबाजों को बेधड़क काम करने की खुली छूट मिली हुई है।

घरघोड़ा क्षेत्र की भौगोलिक बनावट ऐसी है कि यह अपराधियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह और भागने का आसान रास्ता प्रदान करती है। घने जंगलों और पड़ोसी जिलों व राज्यों की सीमाओं से निकटता के कारण अपराधी वारदातों को अंजाम देकर आसानी से ओझल हो जाते हैं। सामाजिक स्थिति का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व स्थानीय युवाओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।

Gharghoda Illegal Liquor Trade :जहरीली शराब कांड की आशंका अवैध भट्टियों में बनने वाली यह कच्ची शराब कभी भी ‘जहरीली शराब’ का रूप ले सकती है। जिला मुख्यालय के पास हुए पूर्व के ‘सरई मदरा’ कांड की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं, जिसमें कई मासूमों की जान चली गई थी। इसके बावजूद, प्रशासनिक सुस्ती यह संकेत दे रही है कि जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। शासन को राजस्व की भारी क्षति पहुँचाने वाला यह धंधा कब किसी घर का चिराग बुझा दे, यह कहना मुश्किल है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *