108 Ambulance Breakdown : बड़वानी। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक तस्वीर बड़वानी जिले के चकेरी-ठीकरी हाईवे से सामने आई है। यहाँ एक गंभीर किडनी मरीज को इंदौर ले जा रही 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में जवाब दे गई। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच मरीज करीब दो घंटे तक एंबुलेंस के भीतर ही तड़पता रहा, जिससे उसकी जान पर बन आई।
डायलिसिस के लिए जा रहे मरीज की बढ़ी मुसीबत धार जिले के कलवानी निवासी छगनलाल नरगेश लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। मंगलवार को उन्हें बड़वानी जिला अस्पताल से डायलिसिस के लिए इंदौर रेफर किया गया था। दोपहर करीब 12:30 बजे मरीज को लेकर एंबुलेंस (क्रमांक CG 04 MR 7743) रवाना हुई थी, लेकिन चकेरी-ठीकरी मार्ग पर अचानक खराब हो गई।
धक्का लगाकर छांव में खड़ी की गई एंबुलेंस मरीज की पत्नी कला बाई ने रोते हुए बताया कि उनके पति की हालत खराब थी और तेज गर्मी ने समस्या को और बढ़ा दिया। एंबुलेंस के खराब होने के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने संवेदनशीलता दिखाई और खराब वाहन को धक्का देकर सड़क किनारे छांव में खड़ा करवाया। एंबुलेंस कर्मचारियों द्वारा दूसरी व्यवस्था करने की बात कही गई, लेकिन इस प्रक्रिया में घंटों का समय लग गया।
दोपहर 3:40 पर मिली दूसरी एंबुलेंस लगभग 12:30 बजे से फंसे मरीज को आखिरकार दोपहर 3:40 बजे दूसरी एंबुलेंस नसीब हुई, जिसके बाद उन्हें इंदौर के लिए रवाना किया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में 108 एंबुलेंस के रखरखाव और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिम्मेदारों को ‘जानकारी नहीं’ हैरानी की बात यह है कि जब इस गंभीर मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सुरेखा जमरे से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वे अवकाश पर हैं और उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने मामले की जांच करवाने की बात कही है।











