मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई, जिसकी शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के साथ हुई। बैठक में प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।
कैबिनेट बैठक में टॉप-10 आईएएस में शामिल दो मध्य प्रदेश के युवाओं को भी बधाई दी गई। इसके साथ ही प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
46 लाख प्रॉपर्टियों की फ्री रजिस्ट्री
कैबिनेट बैठक में स्वामित्व योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश के करीब 46 लाख परिवारों को चिन्हित किया गया है जिनके पास अपनी जमीन या मकान के स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं।
सरकार ने फैसला किया है कि इन प्रॉपर्टियों की रजिस्ट्री का स्टांप शुल्क पूरी तरह माफ किया जाएगा। इससे लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
युवाओं के लिए नई ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न’ योजना
राज्य सरकार ने युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम’ शुरू करने का फैसला लिया है।
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इस योजना के तहत 4865 युवाओं को इंटर्नशिप का मौका मिलेगा।
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प्रत्येक इंटर्न को हर महीने 10,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा।
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यह योजना 3 वर्षों तक संचालित की जाएगी।
इस कार्यक्रम का संचालन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के माध्यम से किया जाएगा। हर ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा, जो सरकार की योजनाओं के जमीनी प्रभाव का अध्ययन करेंगे।
किसानों के लिए समर्थन मूल्य की घोषणा
कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में भी बड़ा फैसला लिया गया।
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गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया।
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इसमें 2585 रुपये केंद्र सरकार और 40 रुपये राज्य सरकार देगी।
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वहीं उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया गया है।
33 हजार करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी
मंत्रिपरिषद की बैठक में 7 विभागों की योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं की कुल लागत करीब 33,240 करोड़ रुपये है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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ऊर्जा विभाग की RDSS योजना
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वित्त विभाग की पब्लिक फंडिंग योजनाएं
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव से जुड़ी योजनाएं।
अस्पतालों में 51 पदों की स्वीकृति
कैबिनेट ने मैहर, कैमूर और निमरानी के अस्पतालों में स्टाफ की कमी को देखते हुए 51 नए पदों की स्वीकृति भी दी है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
पेट्रोलियम पदार्थों की निगरानी के निर्देश
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर फिलहाल रोक लगाई गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और सप्लाई की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
एमएसएमई मंत्री चेतन्य कश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम की पर्याप्त उपलब्धता है और युद्ध की स्थिति का मध्य प्रदेश पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।











