Ballistic Missile : नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब समंदर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। तुर्की ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को पूर्वी भूमध्यसागर में मार गिराया है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना के बाद ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि क्षेत्र की सुरक्षा और आम लोगों को खतरे में डालने वाले कदम न उठाए जाएं। मंत्रालय ने साफ कहा कि तुर्की की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली किसी भी कार्रवाई का जवाब देने में वह पीछे नहीं हटेगा।
Ballistic Missile : बताया जा रहा है कि तुर्की ने पहले ही उत्तरी साइप्रस में सैन्य तैनाती बढ़ा दी थी। वहां छह एफ-16 फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं। तुर्की को आशंका है कि ईरान या उसके समर्थित समूह इस इलाके में हमला कर सकते हैं। हाल ही में ईरान की ओर से साइप्रस पर ड्रोन हमले की घटना के बाद तुर्की ने अपनी सुरक्षा तैयारियां और तेज कर दी हैं।
1 मार्च को ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने लेबनान से शाहेद-136 ड्रोन लॉन्च किए थे, जो साइप्रस के दक्षिणी हिस्से में स्थित ब्रिटिश आरएएफ अक्रोटिरी एयरबेस के पास गिरे थे। इस हमले के बाद इलाके में कई धमाके हुए और इसे यूरोपीय संघ के सदस्य साइप्रस पर पहला बड़ा हमला माना गया।
इन घटनाओं के बाद तुर्की ने उत्तरी साइप्रस में अपने लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए। तुर्की का कहना है कि यह कदम उत्तरी साइप्रस की सुरक्षा मजबूत करने की योजना का हिस्सा है और जरूरत पड़ने पर आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
Ballistic Missile : इस बीच ग्रीस ने भी संभावित खतरे को देखते हुए दक्षिणी साइप्रस में सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। ग्रीस ने पाफोस एयरबेस पर चार एफ-16 फाइटर जेट तैनात किए हैं और 4 मार्च को दो ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराने का दावा किया है। साथ ही ग्रीस ने अपने एक उन्नत युद्धपोत को भी क्षेत्र में तैनात किया है।
Ballistic Missile : विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण अब यह संघर्ष पश्चिम एशिया से आगे बढ़कर पूर्वी भूमध्यसागर तक फैलता नजर आ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।











