CG NEWS: रायपुर : रायपुर में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के मुख्य अभियंता केके कुटारे के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को अवैध घोषित करते हुए उसे निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद उनके सेवा से बर्खास्त होने की संभावना बढ़ गई है।
CG NEWS: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में गठित समिति ने यह निर्णय डोंगरगांव जनपद उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौकर और विजय मिश्रा द्वारा वर्ष 2017 से 2025 के बीच की गई शिकायतों की जांच के आधार पर लिया।
CG NEWS: कुटारे वर्तमान में पीएमजीएसवाइ और विकास अभिकरण में मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। जांच के दौरान समिति को यह तथ्य मिला कि उन्होंने अपना मूल निवास महाराष्ट्र के तुमसर में स्वीकार किया था, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर लाभ लिया।
CG NEWS: समिति ने अपने आदेश में कहा कि वर्ष 1935 के जन्म रजिस्टर में आवेदक के दादा का नाम तुमसर में दर्ज है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार अनुसूचित जाति का लाभ उसी राज्य में मान्य होता है, जहां व्यक्ति का मूल निवास होता है। चूंकि कुटारे का मूल निवास महाराष्ट्र पाया गया, इसलिए छत्तीसगढ़ में जारी उनका प्रमाण पत्र मान्य नहीं माना गया।
CG NEWS: छानबीन समिति ने कुटारे को अपना पक्ष रखने के लिए कई अवसर दिए, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद समिति ने उनके जाति प्रमाण पत्र को फर्जी मानते हुए उसे निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। समिति में डॉ. सारांश मित्तर, विनीत नंदनवार और रितुराज रघुवंशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।











