Chhattisgarh Road Quality Standards : रायपुर (06 मार्च 2026): मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई और भविष्य के लिए सख्त निर्देश जारी किए।
गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण केवल एक तकनीकी कार्य नहीं है, बल्कि यह आमजन की सुविधा और सरकार की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्माण पूरा होने के बाद नहीं, बल्कि निर्माण के दौरान ही फील्ड में जाकर गुणवत्ता की सतत निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो ठेकेदारी ‘बिलो रेट’ (निर्धारित दर से कम) पर काम ले रहे हैं, उन पर विशेष नजर रखी जाए और उन्हें समय-सीमा के भीतर मानक गुणवत्ता के साथ काम पूरा करना ही होगा।
संपर्कहीन गांवों को मिलेगी राहत मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 300 ऐसे गांव हैं, जहां बरसात के दौरान आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। इन गांवों को पुल-पुलियों और सड़कों के माध्यम से जोड़ने का कार्य अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। बैठक में विशेष रूप से लैलूंगा–तमनार मार्ग और नेशनल हाईवे-43 (353 किमी) समेत बस्तर क्षेत्र की 17 सड़कों और पुल-पुलिया निर्माण के कार्यों की समीक्षा की गई।
आधुनिक तकनीक और बेहतर डिजाइन भवन निर्माण के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अब शासकीय भवनों का निर्माण पुरानी ढर्रे की बजाय आधुनिक डिजाइनों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने भूमि के बेहतर उपयोग के लिए वर्टिकल संरचना को बढ़ावा देने और राजभवन गेस्ट हाउस को गरिमामय स्वरूप में तैयार करने को कहा।
निगरानी का नया तंत्र सड़कों के गड्ढों और मरम्मत को लेकर मुख्यमंत्री ने एक ऐसा तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया है, जिससे सड़कों की खराब स्थिति की जानकारी समय रहते मिल सके और तुरंत मरम्मत की जा सके। उन्होंने बड़ी सड़क परियोजनाओं को व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ जनता के सामने प्रस्तुत करने को भी कहा, ताकि लोगों को विकास कार्यों की जानकारी मिल सके।











