इजरायल को ईरान का अल्टीमेटम! दी परमाणु हमले की चेतावनी, मिडिल ईस्ट पर ‘न्यूक्लियर’ युद्ध का संकट

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिका और इजरायल को खुली चेतावनी दी है। तेहरान का कहना है कि अगर उसके देश में शासन परिवर्तन की कोई भी कोशिश की गई तो उसका जवाब बेहद कठोर होगा।

ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ऐसी स्थिति में इजरायल के परमाणु ठिकाने भी सीधे निशाने पर आ सकते हैं। इस बयान के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएं तेज हो गई हैं।

बाहरी हस्तक्षेप पर ईरान की तीखी प्रतिक्रिया

ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि उनका देश किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका या इजरायल द्वारा सरकार को अस्थिर करने की कोशिश को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।

Read More : 10वीं बार CM बनने के बाद अब संसद की राह पर नीतीश कुमार! भरा राज्यसभा नामांकन, निभाएंगे नई भूमिका

तेहरान का आरोप है कि कुछ विदेशी ताकतें देश के भीतर अस्थिरता पैदा कर सत्ता परिवर्तन की रणनीति बना रही हैं, जिसे वह अपने आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप मानता है।

अमेरिकी और इजरायली बयान से बढ़ा विवाद

हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप के कुछ बयानों ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है। इन बयानों में कहा गया कि सैन्य दबाव के जरिए ऐसे हालात बनाए जा सकते हैं, जिससे ईरान की जनता खुद मौजूदा शासन के खिलाफ खड़ी हो जाए। ईरान ने इन टिप्पणियों को बेहद खतरनाक बताते हुए कहा है कि यह उसके संप्रभु अधिकारों पर सीधा हमला है।

सैन्य ठिकानों के साथ आंतरिक ढांचे पर भी हमले

रिपोर्टों के अनुसार हालिया सैन्य रणनीति केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही है। अब पुलिस स्टेशनों और अर्धसैनिक बलों के ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है। तेहरान और अन्य क्षेत्रों में पुलिस चौकियों पर हुए हमलों ने वहां के आंतरिक सुरक्षा ढांचे पर दबाव बढ़ा दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का उद्देश्य केवल सैन्य ताकत को कमजोर करना नहीं बल्कि शासन के प्रशासनिक नियंत्रण को भी प्रभावित करना है।

डूम्सडे मिसाइल परीक्षण से बढ़ी वैश्विक चिंता

इसी बीच अमेरिका द्वारा कैलिफोर्निया के पास ‘डूम्सडे मिसाइल’ का परीक्षण किए जाने की खबरों ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि यह मिसाइल अत्यधिक विनाशकारी क्षमता रखती है और बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकती है। ईरान-इजरायल तनाव और परमाणु हथियारों की चर्चाओं ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज कर दी है।

युद्ध का असर आम लोगों पर भी

इस संघर्ष का असर आम नागरिकों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को सुरक्षा कारणों से रद्द किया गया है और भारत में भी लगभग 180 फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं।इसके अलावा एक ईरानी युद्धपोत पर हुए हमले में 80 से अधिक लोगों की मौत की खबरों ने इस संघर्ष की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की अपील कर रहा है, ताकि क्षेत्र में शांति कायम रह सके।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *