Iran Retaliation US Bases : दुबई/दोहा (01 मार्च 2026): मध्य पूर्व एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आग में झुलस गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के कुछ ही घंटों बाद, ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने खाड़ी के उन अरब देशों पर भीषण जवाबी हमला किया है, जो अमेरिकी सैन्य संपत्तियों की मेजबानी करते हैं। ईरान ने पुष्टि की है कि बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित अमेरिकी एयरबेस और मुख्यालयों को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया गया है।
यूएई और बहरीन में सबसे ज्यादा असर
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में ईरानी मिसाइलों को रोकने के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दुबई के मशहूर ‘पाम जुमेराह’ इलाके में कई धमाकों के बाद भीषण आग लग गई। वहीं, बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (5th Fleet) के मुख्यालय पर ईरानी ‘शाहेद’ ड्रोन से हमला किया गया, जिससे कई रिहायशी इमारतों में आग लग गई। बहरीन ने इसे अपनी संप्रभुता का “घोर उल्लंघन” करार दिया है।
कतर और कुवैत में भी धमाके
कतर की राजधानी दोहा में एक घंटे के भीतर कम से कम एक दर्जन विस्फोटों की आवाज सुनी गई। कतर के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उन्होंने अधिकांश मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया, हालांकि उत्तरी कतर में एक रडार स्टेशन को नुकसान पहुँचा है। कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस पर भी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसे कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने विफल करने का दावा किया है। सऊदी अरब ने भी पुष्टि की है कि रियाद और उसके पूर्वी क्षेत्रों की ओर आ रहे ईरानी हमलों को नाकाम कर दिया गया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद, दुनिया पर मंडराया संकट
इस युद्ध के कारण कतर, कुवैत, बहरीन और यूएई ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सबसे ज्यादा चिंता ‘स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) को लेकर है, जहाँ से दुनिया के तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। व्यापारिक जहाजों को इसे बंद किए जाने के संदेश मिले हैं। ओमान, जो अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है, एकमात्र ऐसा खाड़ी देश है जिसे ईरान ने निशाना नहीं बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष तुरंत नहीं रुका, तो यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो सकता है।











