बुरहानपुर : जिले के बिरोदा ग्राम स्थित प्राथमिक सेवा सहकारी समिति में किसानों की जमा पूंजी में कथित गबन का बड़ा मामला सामने आया है। ऑडिट रिपोर्ट में करीब 85 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
तीन वर्षों में निकाली गई किसानों की जमा राशि
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच किसानों के खातों से जमा राशि में संदिग्ध निकासी की गई। आरोप है कि तत्कालीन समिति प्रबंधक संतोष महाजन ने धीरे-धीरे रकम निकालकर लगभग 85 लाख रुपये की हेराफेरी की।
यह खुलासा तब हुआ जब नवंबर 2025 में नवागत प्रबंधक कनिष्क भालसे ने पदभार संभालने के बाद रिकॉर्ड की जांच कराई। ऑडिट में सामने आया कि किसानों की बचत राशि में भारी गड़बड़ी है।
रकम पर भी असमंजस, 40 से 85 लाख तक का दावा
जहां नए प्रबंधक ने लगभग 85 लाख रुपये की अनियमितता की जानकारी दी है, वहीं कृषि विकास शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक अशोक चौधरी का कहना है कि प्राथमिक जांच में 40 से 50 लाख रुपये तक की गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और वसूली न होने की स्थिति में FIR दर्ज की जाएगी।
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पूर्व प्रबंधक शाखा से अनुपस्थित
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व समिति प्रबंधक पिछले करीब 20 दिनों से शाखा में उपस्थित नहीं हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के फोन का जवाब भी नहीं दे रहे। इससे संदेह और गहरा गया है।
सहकारी व्यवस्था पर उठे सवाल
किसानों की मेहनत की कमाई में कथित गबन ने सहकारी संस्थाओं की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच कितनी पारदर्शी होती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।फिलहाल मामला जांच के अधीन है, लेकिन किसानों में रोष और चिंता स्पष्ट देखी जा रही है।











