ग्वालियर : ग्वालियर नगर सरकार का वर्ष 2026-27 का बजट बीते गुरूवार को नगर निगम परिषद में पेश किया गया। महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार ने अपने कार्यकाल का चौथा बजट सदन में प्रस्तुत किया। कुल 23 अरब 66 करोड़ 20 लाख रुपये के इस बजट में शहर के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और वित्तीय संतुलन पर विशेष फोकस रखा गया है।
विकास कार्यों पर बड़ा निवेश
बजट में जलकार्य और सीवर परियोजनाओं के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जनकार्य (सड़क, नाली और पार्क) के लिए 500 करोड़, स्वास्थ्य विभाग के लिए 300 करोड़, वेतन-भत्तों के लिए 345 करोड़ और बिजली खर्च के लिए 39 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा कार्यशाला मद में 50 करोड़ और PM ई-बस सेवा के लिए 39 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
आय बढ़ाने के नए प्रयास
नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए हुरावली-मानपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट बिक्री, निगम संपत्तियों को किराये पर देने और संपत्तिकर व जलकर वसूली में तेजी लाएगा। साथ ही ISBT, भवन अनुमति, कंपाउंडिंग, CND वेस्ट जुर्माना, म्यूजियम, चिड़ियाघर और वंडर पार्क से भी राजस्व बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
बाइट – डॉ. शोभा सिकरवार, महापौर
“यह बजट ग्वालियर के समग्र विकास और वित्तीय संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हमारा प्रयास है कि बिना नया टैक्स लगाए शहर को बेहतर सुविधाएं दी जाएं।”
कोई नया टैक्स नहीं, खर्चों में कटौती की रणनीति
बजट की खास बात यह है कि वर्ष 2026-27 में नागरिकों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। साथ ही सौर ऊर्जा और कचरे से बिजली उत्पादन को बढ़ावा देकर खर्चों में कमी लाने की रणनीति तैयार की गई है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
बजट पेश होने के बाद विपक्ष ने इसे “मेरी ढपली, मेरा राग” करार देते हुए विकास कार्यों को केवल कागजी बताया। विपक्ष ने कहा कि बजट का अध्ययन कर संशोधन प्रस्ताव लाए जाएंगे।











