Paryavaran Bhavan Protest : अटल नगर / नया रायपुर (27 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ में गौण खनिज पट्टों के नवीनीकरण और पर्यावरण अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) को लेकर जारी गतिरोध अब चरम पर पहुँच गया है। शुक्रवार को प्रदेशभर से जुटे सैकड़ों गौण खनिज पट्टेदारों ने नया रायपुर स्थित पर्यावरण भवन पहुँचकर बिना किसी पूर्व सूचना के ‘मौन विरोध’ दर्ज कराया। पट्टेदार कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठकर उच्च अधिकारियों की प्रतीक्षा करते रहे, जिससे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उलझी व्यवस्था पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद शुरू हुआ, जिसमें पूर्व में जिला स्तर पर दी गई अनापत्तियों को अमान्य कर प्रदेश स्तरीय कमेटी से एनओसी लेने का निर्देश दिया गया था। शासन ने इसके लिए तीन सहायक समितियां भी बनाईं, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी हजारों मामले लंबित हैं। प्रदेश गौण खनिज पट्टेदार महासंघ अब तक तीन बार सुप्रीम कोर्ट से स्थगन (Extension) ला चुका है, लेकिन विभाग की सुस्ती के कारण मुख्य खदानें स्वतः बंद होने की स्थिति में आ गई हैं।
अधिकारियों ने दिया त्वरित निराकरण का भरोसा देर शाम तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदेश कमेटी चेयरमैन के प्रतिनिधि अधिकारी पांडेय जी ने पट्टेदारों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी उप-समितियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर फाइलों के निपटारे में गतिशीलता लाई जाएगी। इस आश्वासन के बाद पट्टेदार वहां से हटकर संचालक (खनिज) से मिलने इंद्रावती भवन रवाना हुए।
अध्यक्ष प्रमोद तिवारी ने बयां किया दर्द संघ के अध्यक्ष प्रमोद तिवारी ने वर्तमान परिस्थितियों पर गहरा दुख जताते हुए कहा, “हम वर्षों से केवल कागजी कार्रवाई में उलझे हुए हैं। बिजली, जीएसटी और माइनिंग के नए-नए नियमों ने व्यवसाय को कठिन बना दिया है। ऐसा लगता है कि शासन को केवल कोष भरना है, अधिकारियों को हमारी व्यावहारिक परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। हमारे पीछे हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी जुड़ी है, जिसे लेकर हम बेहद चिंतित हैं।”
इस प्रदर्शन में महासचिव पराग बढे, कार्यकारी अध्यक्ष भूपेंद्र बंसल, अनूप अग्रवाल, विजय अग्रवाल सहित जगदलपुर, धमतरी और प्रदेश के अन्य जिलों से आए सैकड़ों खनिज पट्टेदार मौजूद थे।











