Korea Police Bribery Case : गौरी शंकर गुप्ता/कोरिया/अंबिकापुर (26 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक खबर सामने आई है। जहाँ एक तरफ एक मजदूर परिवार अपने मासूम बच्चे की मौत का मातम मना रहा था, वहीं कानून के रखवालों ने उस बेबसी को वसूली का अवसर बना लिया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर ने बचरापोड़ी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ और सहायक उप निरीक्षक गुरु प्रसाद यादव को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है।
दुखद हादसे को बनाया ‘वसूली’ का हथियार घटनाक्रम के अनुसार, प्रार्थी सत्येन्द्र प्रजापति के यहाँ काम करने वाले मजदूर के मासूम बेटे की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के दौरान तत्कालीन एएसआई गुरु प्रसाद यादव ने प्रार्थी को डराना शुरू किया और केस को रफा-दफा करने के लिए 50,000 रुपये की मांग की। सौदा 25,000 रुपये में तय हुआ।
तबादले के बाद भी जारी रहा भ्रष्टाचार का ‘रिले’ मामले में सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि एएसआई गुरु प्रसाद यादव का तबादला होने के बाद जब अब्दुल मुनाफ ने चौकी प्रभारी का पद संभाला, तो उन्होंने पुरानी ‘डील’ को आगे बढ़ाया। उन्होंने प्रार्थी पर दबाव बनाया कि रिश्वत की शेष राशि उन्हें सौंपी जाए।
ACB का बिछाया जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी भ्रष्टाचार से तंग आकर प्रार्थी ने इसकी सूचना एसीबी को दी। ब्यूरो ने रंगे हाथों पकड़ने के लिए ‘ट्रैप’ तैयार किया। जैसे ही सत्येन्द्र ने चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ को रिश्वत की पहली किश्त के 25,000 रुपये दिए, एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। मामले की साजिश में शामिल पूर्व एएसआई गुरु प्रसाद यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
कानूनी शिकंजा और विभागीय संदेश दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि पद की आड़ में जनता का शोषण करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।











