निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इंग्लैंड के किंग चार्ल्स III के छोटे भाई और पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गुरुवार शाम पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया। उन्हें सरकारी पद पर कथित गलत आचरण और कुख्यात कारोबारी जेफरी एपस्टीन को गोपनीय दस्तावेज भेजने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। करीब 11 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें जांच के तहत रिहा किया गया।
थेम्स वैली पुलिस ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन पर कोई औपचारिक आरोप तय नहीं किया गया है और न ही उन्हें क्लीन चिट दी गई है।
घर की तलाशी, अन्य संपत्तियों की जांच जारी
पुलिस ने पूर्व प्रिंस के निवास की तलाशी पूरी कर ली है, जबकि अन्य संपत्तियों की जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन पड़ताल की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एपस्टीन कनेक्शन से बढ़ी मुश्किलें
जांच एजेंसियां उन रिपोर्ट्स की पड़ताल कर रही हैं जिनमें दावा किया गया है कि 2010 के दौरान, जब एंड्रयू ब्रिटेन के इंटरनेशनल ट्रेड स्पेशल दूत थे, तब उन्होंने एपस्टीन को व्यापार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भेजी थी। हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में दोनों के बीच कथित संवाद सामने आने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आया।
किंग चार्ल्स का संतुलित बयान
भाई की गिरफ्तारी पर किंग चार्ल्स III ने बयान जारी करते हुए कहा,“कानून को अपना काम करने देना चाहिए। जब तक प्रक्रिया जारी है, इस मामले पर और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।”यह बयान शाही परिवार की पारंपरिक चुप्पी से अलग माना जा रहा है।
राजशाही की साख पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि बीते चार शताब्दियों में यह दुर्लभ मामला है जब किसी वरिष्ठ शाही सदस्य को गिरफ्तार किया गया हो। इससे ब्रिटेन में राजशाही की सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा पर बहस तेज हो गई है,पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ेगी।













